हजारीबाग: खेल के क्षेत्र में अब हजारीबाग अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाता दिख रहा है. फुटबॉल के बाद अब कराटे की बारी है. हजारीबाग जिले के चार खिलाड़ी ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं. आगामी 27-29 मार्च को हैदराबाद में प्रतियोगिता का आयोजन होना है. जिसमें सभी गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी हिस्सा लेंगे.
हजारीबाग खेल के क्षेत्र में अपना एक अलग पहचान पूरे देश में बना रहे हैं. 2 फरवरी को रांची के खेलगांव में आयोजित अंडर-21 और सीनियर झारखंड कराटे चैंपियनशिप में हजारीबाग के चार खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड, दो खिलाड़ियों ने पांच सिल्वर, और दो खिलाड़ी ने तीन ब्रॉन्ज मेडल लाकर हजारीबाग का परचम लहराया है. इन्हीं में से चार खिलाड़ी जिन्होंने गोल्ड लाया है, वह अब हैदराबाद में आयोजित होने वाली ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएंगे.
हजारीबाग के चंद्र प्रकाश उपाध्याय, प्रियंका कुमारी, संध्या कुमारी और संजय कुमार हैदराबाद में होने वाले प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं. इनमें प्रियंका कुमारी ने दो गोल्ड जीता है. वहीं, सिल्वर की बात की जाए तो संजय कुमार और मनीष राज है. ब्रांच की बात की जाए तो प्रमोद कुमार ने एक और सिकंदर कुमार ने दो मेडल प्राप्त किए हैं. हजारीबाग के कोर्रा स्थित जबरा रोड में सभी खिलाड़ी का अभ्यास चल रहा है. चंद्र प्रकाश उपाध्याय लगातार 11 बार गोल्ड लाए हैं. इनके ही नेतृत्व में यहां के खिलाड़ी अपना दमखम दिखा रहे हैं.

चंद्र प्रकाश उपाध्याय बताते हैं कि राज्य में गोल्ड लाकर अपना स्थान बनाने वाले राष्ट्रीय स्तर में खेलेंगे. राष्ट्रीय स्तर में जो गोल्ड प्राप्त करेंगे, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि दिन भर में चार से पांच घंटा का समय मैदान में बिताना पड़ता है. वहीं खुद के बारे में बताते हैं कि 8 घंटे से अधिक का अभ्यास प्रत्येक दिन करते हैं. उनका यह भी कहना है कि जिस तरह से मेहनत चल रहा है आने वाले दिनों में हजारीबाग के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराएंगे.
संध्या कुमारी, प्रियंका कुमारी और संजय कुमार अपने इस सफलता का श्रेय ट्रेनर चंद्र प्रकाश उपाध्याय को देते हैं. उनका कहना है कि उनके द्वारा बताया हुआ हर एक बात कैरियर के लिए महत्व रखता है. बेहद मेहनत के साथ वह छात्रों को ट्रेनिंग देते हैं. आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने, इसे लेकर खूब मेहनत किया जा रहा है.


