हजारीबाग: जिला प्रशासन ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यालय के अंतिम बेंच पर बैठे छात्रों को पढ़ने के लिए एक नई शुरुआत की है. हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के प्रयास से सोशल मीडिया चैनल बनाया गया है. जिसका नाम Hazaribag Educates रखा है. जिससे विद्यार्थियों के शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके. विद्यार्थियों को सरल, सुलभ और प्रभावी शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा सके.
हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह इन दिनों शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं. जिससे की छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके. इसी कड़ी में हजारीबाग उपायुक्त के प्रयास से सोशल मीडिया चैनल बनवाया गया है. जिसमें शिक्षकों के द्वारा सरल तथा प्रभावी शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. सोशल मीडिया चैनल का नाम Hazaribag Educates रखा गया है. डिजिटल लर्निंग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
- चैनल मूल रूप से दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए बनाया गया है. हजारीबाग उपायुक्त ने कहा कि 10वीं और 12वीं बोर्ड के छात्रों को इस चैनल के जरिए बेहद मदद मिल पाएगी. इस चैनल के माध्यम से अनुभवी और योग्य शिक्षक कला, विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यायों की बारीकी सरल भाषा में विषयवार व्याख्या प्रस्तुत कर रहे हैं. डीसी ने कहा कि हजारीबाग के साथ-साथ पूरे प्रदेश के छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकते हैं.
डीसी शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण नि:शुल्क और भरोसेमंद शैक्षणिक सामग्री पहुंचाना है. जिससे परीक्षा की तैयारी और विषयों की समझ दोनों मजबूत हो सके. उपायुक्त ने सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं से अपील की है कि जिला प्रशासन की इस शैक्षणिक पहल में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें. जिससे ज्ञान की ज्योति सभी तक पहुंच सके और प्रत्येक विद्यार्थी अपने भविष्य को सशक्त बना सके.
छात्रों को क्वेश्चन बैंक भी उपलब्ध कराया जाएगा: डीसी
डीसी ने कहा कि अगली कड़ी में क्वेश्चन बैंक के रूप में कैप्सूल भी छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा. जिससे परीक्षा में उन्हें मदद मिल सके. जाहिर है हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के प्रयास से सिर्फ हजारीबाग के छात्रों को ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के छात्रों को मदद मिलेगी. इसके लिए छात्रों को चैनल से जुड़ने की जरूरत है.


