Monday, April 27, 2026

स्वाति लकड़ा को तेलंगाना में डीजी रैंक पर पदोन्नत किया गया है, पुलिस सेवा में इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाली देश की पहली अनुसूचित जनजाति महिला अधिकारी बन गई हैं।

Share

रांची। झारखंड की माटी और रांची की गलियों में पली-बढ़ी स्वाति लकड़ा ने भारतीय पुलिस सेवा में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो देश की करोड़ों महिलाओं और आदिवासी समाज के लिए गौरव का विषय है।

तेलंगाना कैडर की 1995 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वाति लकड़ा को डायरेक्टर जनरल (DG) रैंक में प्रोन्नति दी गई है। इस पदोन्नति के साथ ही वह देश की पहली ऐसी अनुसूचित जनजाति (ST) महिला अधिकारी बन गई हैं, जो पुलिस सेवा के इस सर्वोच्च शिखर तक पहुंची हैं।

प्रोन्नति के तत्काल बाद उन्होंने तेलंगाना में स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स (SPF) के महानिदेशक के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है।

रांची से शुरू हुआ गौरवशाली सफर

स्वाति लकड़ा का जन्म और पालन-पोषण रांची में ही हुआ। उनके पिता दक्षिण पूर्व रेलवे में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, जिससे घर में शुरू से ही अनुशासन और शिक्षा का माहौल रहा। स्वाति की प्रारंभिक शिक्षा रांची के प्रतिष्ठित लारेटो कॉन्वेंट स्कूल से हुई, जहां उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई की।

प्रशासनिक सेवा का अटूट मेल

स्वाति लकड़ा का परिवार प्रशासनिक सेवाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। न सिर्फ उनका मायका, बल्कि उनका ससुराल भी रांची में ही है। उनके पति, बेनहूर महेश दत्ता एक्का भी तेलंगाना कैडर में एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी हैं।

दोनों अधिकारियों ने मिलकर तेलंगाना राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्वाति को विशेष रूप से तेलंगाना में ‘शी टीम्स’ (She Teams) के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए किए गए उनके क्रांतिकारी कार्यों के लिए जाना जाता है।

जेवीएम श्यामली ने जताया हर्ष

स्वाति लकड़ा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके पुराने विद्यालय जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली में जश्न का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन ने इसे संस्थान के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया है।

प्राचार्य बीएन झा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वाति ने न केवल अपने परिवार, बल्कि अपनी मातृसंस्था का मस्तक भी गर्व से ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि स्वाति की यह यात्रा दर्शाती है कि यदि आधार मजबूत हो और गुरुओं का मार्गदर्शन सही मिले, तो सफलता के आकाश की कोई सीमा नहीं होती।

विद्यालय की उप-प्राचार्या अनुपमा श्रीवास्तव ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जेवीएम श्यामली हमेशा से सपनों को पंख देने वाला संस्थान रहा है। स्वाति की यह उपलब्धि उन हजारों वर्तमान विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

महिला सुरक्षा और सामुदायिक नेतृत्व

अपने लंबे करियर के दौरान स्वाति लकड़ा ने कई चुनौतीपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव से पुलिसिंग के मानवीय चेहरे को सामने रखा है। उनके नेतृत्व में तेलंगाना पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई तकनीकी और जमीनी सुधार किए हैं।

उनकी इस पदोन्नति को न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि, बल्कि देश के सुरक्षा ढांचे में आदिवासी समुदाय के बढ़ते प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

Read more

Local News