Friday, September 18, 2026

सोमा मुंडा हत्याकांड: आरोपी अखिलेश गोप को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत.

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रांची: खूंटी के चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में आरोपी अखिलेश गोप को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद अखिलेश गोप को जमानत प्रदान कर दी।

कोर्ट ने जमानत के लिए 25 हजार रुपये का बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है। अखिलेश गोप की ओर से वरीय अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने अदालत में पक्ष रखा।

हत्या और आपराधिक साजिश का है आरोप

अखिलेश गोप को खूंटी थाना कांड संख्या 03/2026 में आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, उस पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने और साझा मंशा के तहत सोमा मुंडा की हत्या में शामिल होने का आरोप है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(1) और 3(5) के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताया। अदालत को बताया गया कि मामले में हत्या का मुख्य आरोप सह-आरोपी डेनियल सांगा पर है। यह भी दलील दी गई कि पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

बचाव पक्ष ने अदालत को यह जानकारी भी दी कि समान आरोपों का सामना कर रहे एक अन्य सह-आरोपी को हाईकोर्ट ने 9 सितंबर 2026 को जमानत दी थी। अखिलेश गोप 1 जून 2026 से न्यायिक हिरासत में था।

आरोपी की ओर से ट्रायल के दौरान अदालत में सहयोग करने तथा मामले के गवाहों को किसी भी तरह प्रभावित या परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया गया।

जमानत के साथ कई शर्तें

हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपी के सामने कई शर्तें रखी हैं। उसे निचली अदालत में अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करनी होगी। सुनवाई पूरी होने तक मोबाइल नंबर बदलने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा आरोपी को मुकदमे की कार्यवाही में सहयोग करना होगा और किसी भी गवाह को प्रभावित करने या परेशान करने से बचना होगा।

7 जनवरी को हुई थी सोमा मुंडा की हत्या

खूंटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग गांव में 7 जनवरी 2026 को तालाब के पास सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में शुरुआत में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ जांच शुरू हुई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 जनवरी 2026 को खूंटी थाना में कांड संख्या 03/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य माध्यमों से जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी।

मामले की सुनवाई अब निचली अदालत में जारी रहेगी।

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