नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में सुस्ती और स्थानीय स्तर पर मांग में कमी के चलते भारतीय वायदा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को कीमती धातुओं के दाम लाल निशान में बंद हुए, जिससे निवेशकों और आभूषण विक्रेताओं के बीच सतर्कता का माहौल देखा गया.
चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में आज भारी बिकवाली देखी गई. एमसीएक्स पर चांदी के मई अनुबंध की कीमत 817 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 2,43,819 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों द्वारा अपने सौदों के आकार को घटाने (Profit Booking) के कारण घरेलू बाजार में यह गिरावट आई है. आज कुल 1,098 लॉट का कारोबार हुआ. हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि न्यूयॉर्क के वैश्विक बाजार में चांदी 0.29 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 75.94 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, लेकिन घरेलू बाजार पर इसका सकारात्मक असर नहीं दिखा.
सोना भी हुआ सस्ता
चांदी की तरह सोने के भाव में भी नरमी रही. एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाले सोने का भाव 349 रुपये यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. इस दौरान 1,119 लॉट का कारोबार हुआ. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हाजिर बाजार में मांग की कमी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना वायदा 0.05 प्रतिशत टूटकर 4,711.98 डॉलर प्रति औंस पर रहा.
गिरावट के मुख्य कारण
- वैश्विक संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक को फीका किया है.
- घरेलू मांग में कमी: स्थानीय सराफा बाजारों में जेवराती मांग कम होने से वायदा बाजार में भी निवेशकों का उत्साह कम हुआ है.
- मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय में आई तेजी के बाद ट्रेडर्स अब ऊंचे स्तरों पर बिकवाली कर मुनाफा कमाने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
बाजार का भविष्यविशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है या डॉलर कमजोर होता है, तो सोने-चांदी में एक बार फिर तेजी देखी जा सकती है. फिलहाल, निवेशकों की नजर आगामी केंद्रीय बैंक की नीतियों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है.


