रांची : साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) के तत्वावधान में 31 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक नेपाल के काठमांडू में आयोजित होने वाली सैफ अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए 23 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है. इस टीम में झारखंड की छह प्रतिभाशाली बालिकाओं का चयन हुआ है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है. सभी चयनित खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए नेपाल रवाना हो चुकी हैं.
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की टीमें भाग ले रही हैं. भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 31 जनवरी 2026 को मेजबान नेपाल के खिलाफ खेलेगी.
भारतीय टीम में शामिल झारखंड की छह खिलाड़ियों में झारखंड सरकार के खेल विभाग द्वारा संचालित आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, इनडोर स्टेडियम गुमला की चार खिलाड़ी एलिजाबेथ लकड़ा, अनीता डुंगडुंग, सूरज मुनि कुमारी और विनीता होरो शामिल हैं. वहीं आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, हजारीबाग से अनुष्का कुमारी और स्टार वॉरियर्स रांची से दिव्यानी लिंडा को भी टीम में जगह मिली है.
झारखंड की बेटियों की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, खेल सचिव मनोज कुमार, खेल निदेशक आसिफ इकराम, झारखंड फुटबॉल संघ के महासचिव गुलाब रब्बानी सहित राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों, खेल संघ पदाधिकारियों, कोचों और खेल प्रेमियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.
हालांकि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ एक अहम शैक्षणिक समस्या भी सामने आई है. प्रतियोगिता के दौरान चयनित खिलाड़ियों की 10वीं, 11वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं. परीक्षा के कारण एक चयनित खिलाड़ी पहले ही टीम से अपना नाम वापस ले चुकी है. इस स्थिति को देखते हुए भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने झारखंड के मुख्यमंत्री और खेल मंत्री को पत्र लिखकर सभी चयनित खिलाड़ियों के लिए स्पेशल एग्जाम आयोजित कराने का आग्रह किया है, ताकि बच्चियों का एक शैक्षणिक वर्ष खराब न हो.
इस मामले में झारखंड के खेल मंत्री ने पहल शुरू कर दी है और जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है. उल्लेखनीय है कि मणिपुर सरकार पहले ही अपने राज्य की चयनित खिलाड़ियों के लिए स्पेशल परीक्षा की व्यवस्था कर चुकी है.
अब झारखंड की खेल प्रतिभाओं और उनके अभिभावकों की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं, ताकि राज्य की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी रख सकें.


