Thursday, April 23, 2026

 सेंसेक्स 79,000 के करीब पहुंचा रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान जबरदस्त तेजी देखी गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) अपने ऐतिहासिक 79,000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया. बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और ईरान व अमेरिका के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरें हैं.

बाजार का ताजा हाल
मंगलवार सुबह सेंसेक्स 0.56 प्रतिशत या 445 अंकों की छलांग लगाकर 78,966 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 0.48 प्रतिशत या 118 अंकों की बढ़त के साथ 24,483 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है, जिसमें बैंकिंग, रियल्टी और मेटल सेक्टर सबसे आगे हैं.

इन कारणों से आई तेजी
कच्चे तेल में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 1% गिरकर 94.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक तेल आयात करता है, इसलिए कीमतों में गिरावट अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मार्जिन के लिए सकारात्मक है.

भू-राजनीतिक राहत
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों ने निवेशकों के बीच उत्साह जगाया है. अगर अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करने के प्रयास सफल होते हैं, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी.

घरेलू निवेशकों का साथ
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली के बावजूद, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को मजबूती दी है. सोमवार को DIIs ने 2,966.89 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की.

सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.88% की बढ़त के साथ टॉप परफॉर्मर रहा. इसके अलावा प्राइवेट बैंक, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी 1% तक की तेजी दर्ज की गई. व्यक्तिगत शेयरों में पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में 10% का बड़ा उछाल देखा गया. हालांकि, आईटी सेक्टर (TCS, Infosys) और हेल्थकेयर शेयरों में मामूली बिकवाली का दबाव रहा.

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान सेटअप ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) का संकेत दे रहा है. हालांकि, बाजार अभी भी सतर्क है क्योंकि भारत VIX 18 के ऊपर बना हुआ है, जो भविष्य में उतार-चढ़ाव की संभावना को दर्शाता है. 22 अप्रैल को संघर्ष विराम की समय सीमा समाप्त होने वाली है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी.

यदि भू-राजनीतिक तनाव में कमी जारी रहती है और कच्चे तेल के दाम स्थिर रहते हैं, तो सेंसेक्स जल्द ही 79,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर सकता है.

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