मुंबई: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद शानदार रिकवरी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में लाल निशान में खुलने के बाद, बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की और अंततः एक फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ. चौतरफा खरीदारी के चलते बीएसई (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 787.30 अंक (1.07%) की तेजी के साथ 74,106.85 पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी-50 भी 255.15 अंक (1.12%) की बढ़त लेकर 22,968.25 के स्तर पर पहुंच गया.
रिकवरी के पीछे मुख्य कारण
बाजार के जानकारों के अनुसार, इस रिकवरी का मुख्य श्रेय ‘वैल्यू बाइंग’ और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई मामूली नरमी को जाता है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि हालिया गिरावट के बाद फाइनेंस, रियल्टी और मिडकैप जैसे ‘ओवरसोल्ड’ सेक्टर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे, जिससे निवेशकों ने जमकर खरीदारी की. इसके अलावा, ईरान-अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष विराम (Ceasefire) की खबरों ने भी निवेशकों के सेंटिमेंट को मजबूती दी, जिससे ब्रेंट क्रूड फिसलकर 108.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर सबसे बड़ा ‘सुपरस्टार’ रहा. निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.33% की भारी तेजी दर्ज की गई. वहीं, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 2-2 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुए. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 1.52% और 1.29% की वृद्धि देखी गई, जो दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा लौटा है.
सोना-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी
एक तरफ जहां इक्विटी मार्केट में रौनक रही, वहीं कमोडिटी बाजार में भी रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी है. 24 कैरेट सोने की कीमतें 1,50,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गईं, जबकि चांदी 2,34,531 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक भाव पर कारोबार कर रही है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग लगातार बनी हुई है.
आगे की राह: क्या रहेगा बाजार का रुख?
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही आज बाजार में उछाल आया हो, लेकिन आने वाले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण हैं. इस सप्ताह आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति, अमेरिका के सीपीआई (CPI) आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे. यदि युद्ध की स्थिति में सुधार होता है और शांति वार्ता सफल रहती है, तो भारतीय बाजारों में आगे और भी बड़ी तेजी की संभावना है.


