मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले. शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना रहा.
बाजार का ताजा हाल
कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 247.92 अंक (0.30%) टूटकर 83,203.04 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 70.25 अंक (0.27%) की गिरावट के साथ 25,655.15 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. बाजार की इस गिरावट ने पिछले सत्र की बढ़त पर पानी फेर दिया है.
इन शेयरों ने बढ़ाई चिंता
आज की गिरावट का मुख्य केंद्र IT सेक्टर रहा. दिग्गज कंपनियों जैसे इंफोसिस (Infosys), TCS, HCL टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई. इसके अलावा अडाणी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, HDFC बैंक, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और ICICI बैंक जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट देखी गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया.
इन शेयरों ने दिखाया दम
बाजार की गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. ITC, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), SBI, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. इन शेयरों ने सूचकांक को और अधिक गिरने से बचाने का प्रयास किया.
विशेषज्ञों की राय: IT सेक्टर पर दबाव क्यों?
जियोजित इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, “IT शेयरों में अस्थिरता जारी रह सकती है. जब तक वैल्युएशन आकर्षक नहीं हो जाती, तब तक बड़े संस्थागत निवेशक इस सेक्टर में भारी निवेश से बच सकते हैं.” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान में निवेशक IT से हटकर बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जहाँ भविष्य में बेहतर आय की संभावना दिख रही है.
वैश्विक संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 1% से अधिक की बढ़त पर था, जबकि चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष (Lunar New Year) के अवसर पर बंद रहे. अमेरिकी बाजारों में पिछला सत्र बढ़त के साथ समाप्त हुआ था.
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.22% की मामूली बढ़त के साथ 67.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी हुई है.
बाजार में फिलहाल सेक्टर रोटेशन (Sector Rotation) का दौर चल रहा है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे IT जैसे अस्थिर क्षेत्रों में संभलकर निवेश करें और मजबूत फंडामेंटल वाले बैंकिंग और फार्मा शेयरों पर ध्यान केंद्रित करें.


