भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन ‘ब्लैक वेडनेसडे’ साबित हुआ. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह झकझोर दिया. बिकवाली के भारी दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1.5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
कारोबार की समाप्ति पर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,342.27 अंक (1.72%) गिरकर 76,863.71 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 394.75 अंक (1.63%) फिसलकर 23,866.85 पर आ गया. बाजार में इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भारी सेंध लगी है.
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे.
पश्चिम एशिया में तनाव: इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों को डरा दिया है. खासकर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है.
कच्चे तेल की कीमतों में आग: युद्ध की आहट के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर $92 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं. भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर देश के व्यापार घाटे और मुद्रास्फीति (Inflation) पर पड़ता है.
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाला जाना भी बाजार के गिरने की एक बड़ी वजह रही.
सेक्टोरल अपडेट: ऑटो और बैंकिंग सबसे ज्यादा पिटे
आज की गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखा, जहां निफ्टी ऑटो इंडेक्स 3.15% तक टूट गया. आयशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो के शेयरों में 5% तक की गिरावट देखी गई.
बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी भारी बिकवाली रही. निफ्टी बैंक 2% से ज्यादा गिरकर 55,735 के स्तर पर आ गया. एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर लाल निशान में बंद हुए. आईटी, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर में भी 1% से 1.7% तक की गिरावट रही.
बचाव में आए डिफेंसिव स्टॉक्स
बाजार की इस अफरा-तफरी के बीच कुछ सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई. निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों का रुख किया, जिससे निफ्टी फार्मा 0.41% बढ़कर बंद हुआ. तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी 0.18% की मामूली बढ़त रही
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 11% तक उछलकर 20.98 पर पहुंच गया है, जो दर्शाता है कि आने वाले दिनों में भी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक हालात स्थिर नहीं होते, निवेशक ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना सकते हैं.


