Saturday, March 14, 2026

सेंसेक्स 1,236.11 अंक टूटकर 82,498.14 अंक पर; निफ्टी 365 अंक के नुकसान से 25,454.35 अंक पर.

Share

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने निवेशकों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया. पिछले तीन दिनों से बाजार में जो हरियाली दिख रही थी, वह आज एक ही झटके में गायब हो गई.

बाजार का लेखा-जोखा
गुरुवार को कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,236.11 अंक (1.48%) की भारी गिरावट के साथ 82,498.14 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 365 अंक (1.41%) फिसलकर 25,454.35 पर आ गया. यह पिछले दो हफ्तों में बाजार की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है.

इस भारी बिकवाली के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) घटकर लगभग 485.45 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसका सीधा मतलब यह है कि महज कुछ ही घंटों के कारोबार में निवेशकों की करीब 6.7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई.

गिरावट के मुख्य कारण
ईरान-अमेरिका तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद सैन्य तनाव फिर से बढ़ गया है. इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स (शेयरों) से दूर कर दिया है.

कच्चे तेल की कीमतें: वैश्विक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी आई है. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा तेल अर्थव्यवस्था के लिए खतरा माना जाता है

FPI की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के पहले पखवाड़े में उन्होंने आईटी सेक्टर में करीब 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली की है.

तकनीकी दबाव: बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म सपोर्ट (25,645–25,660) के नीचे फिसल गया, जिससे बिकवाली का दबाव और तेज हो गया.

सेक्टर और शेयरों का हाल
आज बाजार में चौतरफा गिरावट रही. सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए. सबसे ज्यादा मार इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और बीईएल (BEL) जैसे शेयरों पर पड़ी, जो 3.2% तक टूट गए. सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी, मीडिया और ऑटो इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई.

आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने (Gold) की तरफ बढ़ा है.

Read more

Local News