रांचीः झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार को घेरा है. अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि सदन में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान में सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा, विश्वकर्मा पूजा और रामनवमी जैसे पवित्र पर्वों को लेकर की गई टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह हिंदू आस्था का खुला अपमान है. उन्होंने इसे “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं.
इफ्तार के नाम पर राजनीति करते हैं सीएम
उन्होंने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया. बाउरी ने कहा कि एक ओर सरकारी संसाधनों का उपयोग कर इफ्तार के नाम पर राजनीतिक आयोजन किए जाते हैं, जबकि दूसरी ओर हिंदू पर्व-त्योहारों को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी की जाती है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है.
दूसरे धर्म पर टिप्पणी करके दिखाएं सीएम
भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री अन्य धर्मों के प्रति भी इसी तरह की टिप्पणी करने का साहस दिखा सकते हैं. उन्होंने कहा कि लगातार यह धारणा बनाई जा रही है कि हिंदू समाज सहनशील है, इसलिए उसकी भावनाओं को आहत करना आसान है.
फिलहाल, इस पूरे मामले में हेमंत सोरेन राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी की संभावना है. बता दें कि बजट सत्र के अंतिम दिन सीएम ने बजट पर सरकार का जवाब देते हुए भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप लगाते हुए पूजा-पाठ को लेकर टिप्पणी की थी.


