साउथ सिनेमा की खूबसूरत हसीना सामंथा रुथ प्रभु और फिल्ममेकर राज निदिमोरू आज, 1 दिसंबर को शादी के बंधन में बंधे. कपल ने कोयंबटूर स्थित सद्गुरु के ईशा योग सेंटर में लिंग भैरवी निवास पर भूत शुद्धि विवाहा रीति-रिवाज के साथ शादी करने का फैसला किया. इस परंपरा ने सभी का ध्यान खींचा है. लेकिन यह रस्म असल में क्या है और इसे परंपरा में सबसे अनोखी शादी की रस्मों में से एक क्यों माना जाता है? चलिए जानते हैं…
एक्ट्रेस सामंथा शादी के बंधन में बंध गई हैं. सामंथा और राज निदिमोरू ने सोमवार सुबह कोयंबटूर के ईशा योग सेंटर के लिंग भैरवी मंदिर में शादी की. शादी में सामंथा ने लाल कलर की साड़ी चुनी, जबकि राज क्रीम-गोल्ड कलर के कुर्ते में दिखें. सामंथा ने इंस्टाग्राम पर अपनी शादी की तस्वीरें शेयर की, जिससे यह साफ हुआ कि उन्होंने भूत शुद्धि विवाहा के रीति-रिवाज से शादी की.
भूत शुद्धि विवाहा क्या होता है?
फैशन डिजाइनर, मॉडल रहीं शिल्पा रेड्डी ने भूत शुद्धि विवाहा की रस्मों की तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर साझा की हैं और इन रस्मों के बारे में बताया है. शिल्पा ने स्टोरी पर तस्वीर साझा करते हुए लिखती हैं, ‘भूत शुद्धि विवाहा को ‘शादी के लिए समर्पण का एक रूप’ बताया गया है, जो एक पुरानी योग परंपरा से जुड़ा है.’
ईशा योग सेंटर की वेबसाइट के मुताबिक, भूत शुद्धि (मतलब तत्वों की शुद्धि) एक योगिक प्रोसेस है जो धरती, पानी, आग, हवा और आसमान के पांच तत्वों को शुद्ध करती है, जिनके बारे में माना जाता है कि ये इंसान का शरीर बनाते हैं.
- शादी की केस में, भूत शुद्धि विवाह एक आध्यात्मिक रूप से पवित्र रिश्ता है जो पार्टनर के बीच अंदरूनी तालमेल और एनर्जी के तालमेल पर जोर देता है. शादी का यह तरीका पुरानी योगिक परंपराओं से प्रेरित है और अक्सर पवित्र जगहों पर किया जाता है, जैसे कि ईशा फाउंडेशन से जुड़ा लिंग भैरवी मंदिर.
ईशा फाउंडेशन के फाउंडर सद्गुरु ने भी इस विवाह के बारे में बताया है. सद्गुरु के अनुसार, ‘विवाहा शादियों के लिए एक खास तरह का समर्पण है. दो जिंदगियों के एक होने की कोशिश में एक खास खूबसूरती होती है.’


