Wednesday, January 28, 2026

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिला करारी हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर को टेस्ट से हटाने की मांग तेज हो गई है.

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 साउथ अफ्रीका से दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज हारने पर भारतीय फैंस काफी नाराज दिखे. उन्होंने अपने गुस्से और निराशा का इजहार सोशल मीडिया पर जमकर किया. कुछ यूजर्स ने इस हार के लिए केवल हेड कोच गौतम गंभीर को जिम्मेदार ठहराया तो कुछ ने गौतम के साथ साथ चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर को भी जिम्मेदार बताया.

  • IPL और WPL में दिल्ली कैपिटल्स फ़्रैंचाइजी के मालिक पार्थ जिंदल इस हार से इतने उदास और दुखी नजर आए कि उन्होंने एक्स पर लिखकर अपनी निराशा ब्यक्त की और कहा मैं ने टेस्ट टीम को अपने घर में इतना कमजोर कभी नहीं देखा. कुछ यूजर्स ने तो गोतम गंभीर को टेस्ट से हटाने तक की मांग कर दी है.

पार्थ जिंदल ने लिखा. ‘ज्यादा कुछ नहीं, घर पर क्या बुरी तरह हार मिली! याद नहीं कि हमने अपनी टेस्ट टीम को घर पर इतना कमजोर देखा हो! जब रेड बॉल स्पेशलिस्ट नहीं चुने जाते तो यही होता है. यह टीम रेड बॉल फॉर्मेट में हमारी मजबूती को बिल्कुल भी नहीं दिखाती. भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट के लिए एक स्पेशलिस्ट रेड बॉल कोच लाने का समय आ गया है.’

बता दें कि साउथ अफ्रीका ने गुवाहाटी टेस्ट जीतकर भारत पर ऐतिहासिक सीरीज जीता है, जो 25 सालों में देश में उनकी पहली सीरीज थी, क्योंकि मेजबान टीम गुवाहाटी में पांचवें दिन की घिसी-पिटी पिच पर एक और खराब बैटिंग प्रदर्शन के आगे हार गई. भारत 408 रनों से हारा, जो रनों के अंतर से उसकी सबसे बड़ी हार थी.

मैच के बाद हेड कोच ने क्या कहा?
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने सीरीज हारने के बाद टीम मैनेजमेंट के फैसलों का बचाव किया, और जोर दिया कि सभी फैसले टीम के सबसे अच्छे फायदे को ध्यान में रखकर लिए गए थे और खेल में बाद में सोचने की कोई जगह नहीं होती. उन्होंने हार की जिम्मेदारी ली, और जोर दिया कि जवाबदेही ड्रेसिंग रूम की होती है.

टेस्ट कोच के तौर पर उनके फेल होने के बारे में पूछे जाने पर, गंभीर ने कहा कि मुझे हटाने और रखने कैा फैसला आखिरकार BCCI का है. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय क्रिकेट किसी भी एक व्यक्ति से ज्यादा जरूरी है. उन्होंने आलोचकों को अपने ट्रैक रिकॉर्ड की याद दिलाई, जिसमें इंग्लैंड में युवा टीम के साथ मिली बड़ी सफलताएं और चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे पिछले टूर्नामेंट में जीत शामिल हैं.

गंभीर ने यह भी कहा कि साउथ अफ्रीका से मिली हार की तुलना पिछले साल न्यूजीलैंड से भारत की 3-0 की हार से नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि उस टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी सीनियर खिलाड़ी थे, जो अब रेड-बॉल फॉर्मेट छोड़ चुके हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा ग्रुप काफी युवा है और उन्हें बेहतर होने के लिए मजबूत विरोधी टीम के खिलाफ और ज्यादा अनुभव की जरूरत है.

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