Monday, March 16, 2026

सरायकेला में एलपीजी किल्लत का असर दिखने लगा है.

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सरायकेला: वैश्विक अस्थिरता और ईरान युद्ध के कारण कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. इस कारण सरायकेला के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में सन्नाटा पसरने का डर है. स्थिति इतनी विकराल है कि आगामी सोमवार से यहां की लगभग 1500 लघु और मध्यम इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है.

एलपीजी की किल्लत केवल मशीनों को ही नहीं प्रभावित किया है, बल्कि यहां काम करने वाले करीब 2 लाख मजदूरों के भविष्य पर संकट के बादल छा गए हैं. यदि भट्ठियां बुझीं, तो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े इन कामगारों की आजीविका पर सीधा प्रहार होगा. विशेषकर टाटा मोटर्स की वेंडर कंपनियों के सामने ‘नो वर्क’ की स्थिति पैदा हो गई है.

उद्यमी संगठनों ने की हाई-लेवल मीटिंग

इस समस्या के समाधान को लेकर ​जियाडा (JIADA) सभागार में उद्यमी संगठनों और अधिकारियों के बीच रविवार को आपातकालीन बैठक हुई. जिसमें एशिया और लघु उद्योग भारती जैसे संगठनों ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक खत्म हो चुका है और बिना एलपीजी के काम जारी रखना असंभव है. मामले की गंभीरता देखते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से हस्तक्षेप की अपील की गई है.

LPG shortage in Saraikela

वहीं इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सीमित आपूर्ति को अस्पतालों जैसे अनिवार्य सेवाओं की ओर मोड़ा गया है. हालांकि, रांची में उच्चस्तरीय मंथन जारी है, ताकि उद्योगों के लिए जरूरी 35 टन प्रतिदिन एलपीजी की मांग को पूरा किया जा सके. ​सोमवार तक का समय इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. अगर एलपीजी की आपूर्ति सुचारु नहीं होती है तो आदित्यपुर की चिमनियों से धुआं निकलना बंद हो सकता है.

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