Wednesday, August 19, 2026

सरला बिरला विश्वविद्यालय में ‘पिक्सल स्पंदन 2026’ की शुरुआत, छात्रों ने सीखी फोटोग्राफी की बारीकियां.

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Ranchi News: विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU), रांची में दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यक्रम ‘पिक्सल स्पंदन 2026’ शुरू हुआ। 19 और 20 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता एवं जनसंचार संकाय और शटरबग्स क्लब के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फोटोग्राफी की तकनीकी जानकारी देने के साथ दृश्य संचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति प्रोत्साहित करना है। इसके तहत छात्रों को फोटोग्राफी के व्यावहारिक पहलुओं और बदलती तकनीक से परिचित कराया जा रहा है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ उद्घाटन

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के जीडी बिरला सभागार में हुई। उद्घाटन समारोह में शिक्षाविदों, अतिथियों और फोटोग्राफी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के बाद गणेश वंदना, सरस्वती वंदना, शिव-शक्ति आधारित प्रस्तुति तथा पारंपरिक जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने फोटोग्राफी को कला, विज्ञान और विचारों के मेल का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि तस्वीरें किसी विचार और भावना को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने का जरिया बन सकती हैं।

छात्रों को रचनात्मकता पर दिया गया जोर

पत्रकारिता एवं जनसंचार संकाय के डीन प्रो. अजय कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए फोटोग्राफी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से नियमित अभ्यास और नए प्रयोगों के जरिए अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा सहित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक और कुलसचिव प्रो. एस. बी. दंडिन भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने रचनात्मक सोच, अनुशासन, निरंतर सीखने और बारीकी से चीजों को देखने की क्षमता को फोटोग्राफी के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विशेषज्ञों ने साझा किए फोटोग्राफी के अनुभव

कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में फोटोग्राफर कुलदीप सिंह ‘दीपक’, दिवाकर प्रसाद और संजय बोस ने विद्यार्थियों से संवाद किया।

कुलदीप सिंह ‘दीपक’ ने फोटोग्राफी में हुए तकनीकी बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक कैमरों और फिल्म आधारित फोटोग्राफी से लेकर डिजिटल कैमरा और स्मार्टफोन के दौर तक हुए परिवर्तन को समझाया।

दिवाकर प्रसाद ने विजुअल स्टोरीटेलिंग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी तस्वीर को प्रभावी बनाने में विषय का चयन, फ्रेमिंग, संरचना, एंगल और सही समय अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मोबाइल फोन से बेहतर तस्वीरें लेने के व्यावहारिक तरीकों पर भी जानकारी दी।

वहीं संजय बोस ने फोटोग्राफी में उपकरणों के साथ-साथ फोटोग्राफर की सोच और नजरिए को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार किसी दृश्य को अलग दृष्टिकोण से देखना और उसमें कहानी की संभावना पहचानना एक अच्छे फोटोग्राफर की प्रमुख विशेषता है।

पत्रकारिता और जनसंचार में फोटोग्राफी की भूमिका

कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों के जरिए विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के इतिहास, तकनीकी विकास, मोबाइल फोटोग्राफी और दृश्य कहानी कहने जैसे विषयों की जानकारी मिली। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आज फोटोग्राफी केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता, जनसंचार, दस्तावेजीकरण और सामाजिक अभिव्यक्ति में भी इसकी अहम भूमिका है।

‘पिक्सल स्पंदन 2026’ के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने और फोटोग्राफी को रचनात्मक एवं पेशेवर नजरिए से समझने का अवसर मिल रहा है।

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