Monday, March 30, 2026

सरकार ने 21 राज्यों में पेट्रोल पंपों के जरिए केरोसिन वितरण के नियमों में ढील दी है.

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में अस्थायी ढील देने की घोषणा की है, ताकि आम जनता तक केरोसिन (मिट्टी का तेल) की पहुँच को आसान और तेज बनाया जा सके.

पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन की बिक्री की जा सकेगी. यह कदम विशेष रूप से उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उठाया गया है जहाँ ईंधन की कमी की संभावना अधिक है.

नियमों के तहत, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस कार्य के लिए नामित किया जा सकता है. ये पेट्रोल पंप 5,000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण और वितरण कर सकेंगे. यह व्यवस्था अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी, जिससे संकट के समय घरों में खाना पकाने और रोशनी के लिए वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध हो सके.

‘केरोसिन मुक्त’ राज्यों पर विशेष ध्यान
इस योजना में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे उन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें पहले ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित कर दिया गया था. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलएनजी (LNG) की वैश्विक कमी के कारण यदि एलपीजी की किल्लत होती है, तो नागरिकों के पास एक मजबूत विकल्प मौजूद रहे.

अतिरिक्त आवंटन और सुरक्षा मानक
केंद्र सरकार ने राज्यों के नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया है. पारंपरिक राशन दुकानों (PDS) के माध्यम से भी वितरण जारी रहेगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है. हालांकि नियमों में ढील दी गई है, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों और निगरानी में कोई कमी नहीं की जाएगी ताकि केरोसिन की मिलावट या कालाबाजारी को रोका जा सके.

कोयला और पीएनजी पर भी जोर
केवल केरोसिन ही नहीं, सरकार ने कोयला और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं. कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने का आदेश दिया है. साथ ही, राज्यों से कहा गया है कि वे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया में तेजी लाएं.

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