Thursday, March 19, 2026

संजय सिंह को गोली मारने में शामिल था शूटर राहुल,9 बदमाश गिरफ्तार

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राहुल सिंह राजपूत यूपी के जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के चौर गांव के निवासी हैं। मंटू उर्फ पिंटू का घर संजय सिंह के गांव अंकोरहा में है। एसडीपीओ सदर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि संजय को गोली मारने में राहुल सिंह राजपूत शामिल रहा है। एसडीपीओ ने बताया कि राहुल सिंह राजपूत शूटर है।

औरंगाबाद। नबीनगर के व्यापार मंडल अध्यक्ष एनटीपीसी खैरा थाना क्षेत्र के अंकोरहा गांव निवासी संजय सिंह हत्याकांड में जिला पुलिस के द्वारा दिल्ली पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किए गए राहुल सिंह राजपूत और मंटू यादव उर्फ पिंटू कुमार को पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। दोनों को जेल भेज दिया गया है।

राहुल सिंह राजपूत यूपी के जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के चौर गांव के निवासी हैं। मंटू उर्फ पिंटू का घर संजय सिंह के गांव अंकोरहा में है। एसडीपीओ सदर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि संजय को गोली मारने में राहुल सिंह राजपूत शामिल रहा है। मंटू घटना में लाइनर का काम कर रहा था। एसडीपीओ ने बताया कि राहुल सिंह राजपूत शूटर है।

संजय सिंह की हत्या में जेल गया अंकोरहा गांव निवासी राकेश गिरी ने राहुल को घटना के दिन बुलाया था। राहुल अंतरराज्यीय कुख्यात बदमाशों के गिरोह का सरगना है। यूपी के चंदौली, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, देवरिया, जौनपुर जिले के विभिन्न थानों में इसके खिलाफ 31 आपराधिक मामला दर्ज है। एसडीपीओ ने बताया कि राहुल ने संजय सिंह को गोली मारने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है। बताया कि उसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के सहयोग से रोहिणी थाना क्षेत्र से की गई है। एसडीपीओ ने बताया कि इस घटना में शामिल सात बदमाशों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब तक कुल नौ बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है।

30 नवंबर 2024 को संजय की हुई थी हत्या

संजय सिंह की हत्या 30 नवंबर 2024 को गोली मारकर तब की गई थी, जब वे अपने पुत्र के साथ कार से औरंगाबाद से गांव जा रहे थे। रास्ते में सोनौरा पुल के पास बाइक से पहुंचे बदमाशों ने गोली मार हत्या की थी। संजय को बदमाशों ने आठ-10 गोली मारी थी जिस कारण घटनास्थल पर मौत हो गई थी।

सात को पुलिस ने भेजा है जेल

संजय सिंह की हत्या में पुलिस ने अबतक नौ बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जेल भेजे गए बदमाशों में माली थाना क्षेत्र के खंभा गांव निवासी राधेश्याम गिरी के पुत्र सत्यजीत गिरी उर्फ बाबू सत्या, एनटीपीसी खैरा थाना क्षेत्र के घुजा गांव निवासी कमेंद्र सिंह, अंकोरहा गांव निवासी संजय गिरी, मलखान सिंह समेत अन्य बदमाश शामिल हैं।

हत्या से पहले 28 नवंबर को हुई थी बैठक

व्यापार मंडल अध्यक्ष की हत्या से पहले 28 नवंबर 2024 को अंकोरहा गांव निवासी राकेश गिरी ने बैठक की थी। बैठक में मंटू यादव, विक्की गिरी, गिरफ्तार सत्यजीत गिरी, कमेंद्र एवं तीन अन्य बदमाश शामिल हुए थे। इसी बैठक में हत्या की योजना बनी थी। बताया गया कि योजना के अनुसार 29 नवंबर को संजय सिंह की हत्या का प्रयास किया गया, लेकिन मंटू यादव द्वारा सही से उनका लोकेशन न देने के कारण हत्या का प्रयास विफल हो गया था। उसी दिन रात में सभी लोग संजय गिरी के यहां एकत्रित हुए और खाना खाए थे।

हत्याकांड का मास्टर माइंड है राकेश गिरी

हत्या का मास्टरमाइंड राकेश गिरी अंकोरहा गांव का निवासी है। राकेश कुख्यात अपराधी है। उसके द्वारा ही यह तय किया गया था कि किसी भी तरह 30 नवंबर यानी घटना के दिन संजय सिंह की हत्या करना है। योजना के अनुसार 30 नवंबर की सुबह संतोष यादव अंकोरहा एवं घुजा गांव निवासी कमेंद्र सिंह द्वारा संजय सिंह का लोकेशन दिया गया परंतु योजना सफल नहीं हो पाई। फिर सभी लोग राकेश गिरी के साथ खंभा गांव में सत्यजीत गिरी के पोखर पर एकत्रित हुए और संजय के औरंगाबाद से घर लौटते समय हत्या करने की योजना बनाई।

संजय अपने पुत्र के साथ शाम के समय अंकोरहा गांव लौट रहे थे। लौटने के क्रम में सत्यजीत गिरी द्वारा चतरा मोड़ पर लोकेशन राकेश गिरी एवं उसके अन्य साथियों को दी गई। सोनौरा गांव के पास कमेंद्र ने लोकेशन दिया और सोनौरा पुल के पास दो बाइक से पहुंचे छह बदमाशों द्वारा घेरकर गोली मार हत्या की गई।

पैक्स चुनाव के दिन हुआ विवाद बना कारण

नबीनगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय सिंह की हत्या पैक्स चुनाव के दिन 25 नवंबर की शाम गांव के संजय गिरी, राकेश गिरी, पिंटू गिरी, विक्की गिरी, मंटू यादव के साथ हुए विवाद के कारण की गई है। कार हटाने के लिए संजय का उक्त लोगों के साथ विवाद और मारपीट हुई थी। पिंटू और सोनू गिरी घायल हो गए थे। इसी लड़ाई का बदला लेने और राकेश गिरी के द्वारा इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए हत्या की गई। राजनीतिक विरोध के कारण संजय सिंह को दबंग समझकर हत्या की गई। संजय की पत्नी मीना देवी पैक्स का चुनाव लड़ रही थी और विजयी घोषित हुई थी।

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