मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच सेंसेक्स 536.30 अंक गिरकर 72,583.86 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 200.10 अंक टूटकर 22,402.80 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर निवेशकों की सतर्कता को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 114.2 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इस सप्ताह होने वाली बैठक पर भी निवेशकों की नजर है। ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर आने वाले संकेतों के इंतजार में बाजार में सतर्कता देखी जा रही है।
कई दिग्गज शेयरों में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों के कई शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, आईटी, वित्तीय सेवाओं और अन्य बड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।
गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:
- इन्फोसिस
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- एशियन पेंट्स
- बजाज फाइनेंस
- हिंदुस्तान यूनिलीवर
- बजाज फिनसर्व
इन शेयरों में कमजोरी का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा।
कुछ शेयरों में दिखी मजबूती
बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स और एक्सिस बैंक के शेयर शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।
हालांकि, कुछ शेयरों में तेजी के बावजूद बाजार के प्रमुख सूचकांक दबाव में बने रहे।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
सोमवार सुबह एशियाई बाजारों से मिले संकेत भी एकसमान नहीं रहे। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और शंघाई कंपोजिट गिरावट में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त के साथ आगे बढ़ रहा था।
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की यह कमजोरी भारतीय निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मिल सकती है राहत
बाजार में गिरावट के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी का आंकड़ा भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 887.65 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। इन कारकों से बाजार की दिशा प्रभावित होने की संभावना है।
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