Friday, March 27, 2026

 शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार 31 अक्टूबर को लाल निशान में कामकाज की शुरुआत हुई.

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 शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार 31 अक्टूबर को लाल निशान में कामकाज की शुरुआत हुई. सेंसेक्स 24 अंकों की गिरावट के साथ 84,379.79 के लेवल पर खुला, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 14 अंक टूटकर 25,863.80 के लेवल पर ओपन हुआ.

हालांकि, बाजार खुलने के पांच मिनट के अंदर ही यह अच्छी तेजी के साथ हरे निशान में आ गया. सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 186.07 अंक या 0.22 चढ़कर 84,590.53 के लेवल पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 32.70 अंक या 0.13 चढ़कर 25,910.55 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच व्यापार युद्ध को केवल एक साल के लिए कम करने पर सहमति बनने के कारण मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों ने सत्र की शुरुआत सपाट स्तर पर की. सेंसेक्स ने सत्र की शुरुआत 25 अंकों की गिरावट के साथ 84,379.79 पर की, जबकि पिछले सत्र में यह 84,404.46 पर बंद हुआ था.

निफ्टी 14 अंकों की गिरावट के साथ 25,863.80 पर खुला. हालांकि, ऑटोमोबाइल और बैंकिंग दिग्गज शेयरों में खरीदारी के बीच दोनों सूचकांक थोड़ी देर में हरे रंग में बदल गए.

विश्लेषकों ने कहा, “ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन ने यूएस-चीन व्यापार युद्ध में केवल एक साल का संघर्ष विराम दिया, न कि एक महत्वपूर्ण व्यापार सौदा. इस हद तक, बाजार प्रतिभागी परिणाम से निराश थे, भले ही व्यापार तनाव में कमी और आगे की प्रगति की संभावित गति से राहत मिली हो.”

सेंसेक्स के शेयरों में, एनटीपीसी, टाटा स्टील, कोटक बैंक, सन फार्मा और भारती एयरटेल शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मारुति सुजुकी, टीसीएस, बीईएल, बजाज फाइनेंस, टाइटन, टाटा मोटर्स पीवी, एलएंडटी और आईटीसी सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे.

निफ्टी 100 भी हरे निशान में कारोबार कर रहा था. बाजार विश्लेषकों ने कहा, “भारतीय बाजार में तेजी का दौर थम रहा है, क्योंकि यह सितंबर 2024 में स्थापित 26277 के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच रहा है. एफआईआई द्वारा नए सिरे से बिकवाली से निकट भविष्य में बाजार पर दबाव पड़ने की संभावना है.”

क्षेत्रीय सूचकांक तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अच्छी खरीदारी के बीच निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, बैंक निफ्टी और निफ्टी एफएमसीजी 0.6 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. निफ्टी वित्तीय सेवाएँ भी बढ़त के साथ कारोबार कर रही थीं.

विश्लेषकों ने कहा, “बढ़ी हुई अस्थिरता और मिले-जुले वैश्विक संकेतों को देखते हुए, व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे ‘गिरावट पर खरीदारी’ का सतर्क रुख अपनाएं, खासकर लीवरेज का इस्तेमाल करते समय. तेजी के दौरान आंशिक मुनाफावसूली और ट्रेलिंग स्टॉप लॉस को कम रखना प्रभावी जोखिम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होगा. नए लॉन्ग पोजीशन पर तभी विचार किया जाना चाहिए जब निफ्टी 26,100 के स्तर से ऊपर बना रहे.”

शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे बढ़कर 88.64 पर पहुंचा. कच्चे तेल की कम कीमतों और अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने के कारण शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया कुछ सुधर कर 5 पैसे बढ़कर 88.64 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

एक्सपर्ट के अनुसार विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, शेयर बाजारों में बिकवाली के दबाव के बीच विदेशी पूंजी की निकासी ने घरेलू मुद्रा में तीव्र वृद्धि को रोक दिया है.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 88.60 पर खुला और थोड़ा बढ़कर 88.59 पर पहुंचा. इसके बाद यह पिछले बंद भाव से 5 पैसे बढ़कर 88.64 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

गुरुवार को, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे गिरकर 88.69 पर बंद हुआ था.

हालांकि, फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने अमेरिकी मुद्रास्फीति के लक्ष्य स्तर से ऊपर रहने और श्रम बाजार में अनिश्चितताओं की आशंका जताई है. इससे दिसंबर की नीतिगत दरों में और कटौती की उम्मीद कम हो गई है.

इस बीच, 6 मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत गिरकर 99.33 पर आ गया.

गुरुवार को वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.68 प्रतिशत गिरकर 64.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. घरेलू शेयर बाजार में, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 192.31 अंक या 0.23 प्रतिशत चढ़कर 84,596.77 पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 42.05 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 25,919.90 पर पहुंच गया था.

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, कल गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,077.59 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे.

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