Thursday, October 29, 2026

शेयर बाजार की धीमी शुरुआत, सेंसेक्स 168 अंक और निफ्टी 45 अंक मजबूत.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई। ग्लोबल बाजारों से मिल रहे मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि प्राइवेट बैंक और मीडिया सेक्टर में दबाव देखने को मिला।

गुरुवार सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 168 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,414 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 45 अंक यानी 0.20 प्रतिशत मजबूत होकर 22,744 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी

शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार की तेजी को सहारा देता दिखाई दिया। आईटी इंडेक्स में 0.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि फार्मा सेक्टर में 0.30 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली।

इसके विपरीत, प्राइवेट बैंक और मीडिया शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट रही। प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.18 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स 0.16 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.25 प्रतिशत, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

22,800 के स्तर पर निफ्टी की नजर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर अहम बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर बाजार में तेजी को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, इसके पार निकलने तक कारोबार में सीमित तेजी और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है।

निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर बनी हुई है। इन कारकों का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।

महंगा कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से बाजार पर दबाव

भारतीय शेयर बाजार के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। इनमें सबसे प्रमुख कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं। भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 114.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है। तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ने और महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है, लेकिन दिसंबर में दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क रखा है।

अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.02 प्रतिशत पर पहुंचने से भी बाजार की चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाला बेहतर रिटर्न विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिकी बाजारों में निवेश करने के लिए प्रेरित कर सकता है।

FII और DII की खरीदारी से बाजार को सहारा

घरेलू शेयर बाजार को संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से भी समर्थन मिल रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 872 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 643 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।

संस्थागत निवेशकों की इस खरीदारी से बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिला है। हालांकि, ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेड की नीतियों को देखते हुए निवेशकों की सतर्कता बनी रह सकती है।

कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण तेजी सीमित नजर आ रही है। आने वाले कारोबार में निफ्टी का 22,800 का स्तर और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।           BHARATSUPERFASTNEWS

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