Monday, September 7, 2026

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार कमजोर, सेंसेक्स 69 अंक और निफ्टी 14 अंक नीचे.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को सप्ताह की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में नजर आए। बाजार में दबाव के पीछे आईपीओ गतिविधियों के कारण संभावित लिक्विडिटी खिंचाव और मध्य पूर्व से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

कारोबार की शुरुआत में BSE सेंसेक्स 69.38 अंक यानी 0.09 फीसदी गिरकर 76,446.05 पर पहुंच गया। इसी तरह NSE निफ्टी 50 में 14.55 अंक यानी 0.06 फीसदी की कमजोरी रही और यह 23,883.15 के स्तर पर खुला।

बाजार में यह नरमी ऐसे समय देखने को मिली है जब आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के प्रदर्शन से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ सप्ताह से प्रमुख सूचकांकों में दबाव बना हुआ है।

IT और मीडिया शेयरों पर ज्यादा दबाव

सोमवार के शुरुआती कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मीडिया इंडेक्स करीब 1.26 फीसदी और निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 1.15 फीसदी नीचे रहा। इन दोनों सेक्टरों में शुरुआती दौर में बिकवाली अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दी।

इसके अलावा ऑटो, केमिकल, प्राइवेट बैंक, FMCG और सीमेंट से जुड़े इंडेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए।

वहीं दूसरी ओर मेटल, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स करीब 0.06 फीसदी ऊपर रहा।

कई IPO आने से बाजार में लिक्विडिटी पर नजर

प्राथमिक बाजार में इस समय गतिविधियां तेज हैं। चालू सप्ताह में करीब 11 मेनबोर्ड IPO आने की बात कही जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सार्वजनिक निर्गमों में निवेश के लिए बड़ी मात्रा में पूंजी की जरूरत होती है। इससे कुछ समय के लिए सेकेंडरी मार्केट में उपलब्ध नकदी पर दबाव पड़ सकता है।

IPO में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का असर शेयर बाजार के कारोबार और निवेश प्रवाह पर भी पड़ने की संभावना है।

मध्य पूर्व के तनाव से कच्चे तेल की चिंता

बाजार के लिए दूसरा अहम जोखिम मध्य पूर्व की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। तेल महंगा होने पर आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।

23,800 का स्तर निफ्टी के लिए अहम

तकनीकी विश्लेषकों की नजर फिलहाल निफ्टी के 23,800 के स्तर पर है। इसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है, तो कमजोरी बढ़ने पर 23,570 और फिर 23,000 के आसपास के स्तर महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

दूसरी ओर बाजार में मजबूती लौटने के लिए निफ्टी को 24,150 से 24,215 के क्षेत्र में मौजूद प्रतिरोध को पार करना अहम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, सोमवार के शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क रहा। आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश प्रवाह और IPO गतिविधियों से प्रभावित हो सकती है।

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