रांची: शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर आज दिल्ली से रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर लाया गया. जहां से पार्थिव शरीर हवाई अड्डे से झारखंड विधानसभा परिसर ले जाया गया. यहां राज्यपाल समेत विधानसभा सदस्यों ने रामदास सोरेन के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
झारखंड विधानसभा परिसर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, झारखंड विधानसभा के स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री की ओर से मंत्री दीपक बिरुआ, राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी, लोकसभा सांसद जोबा मांझी, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, महुआ माजी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
रामदास सोरेन के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि रामदास सोरेन की कमी को आनेवाले दिनों में पूरा कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि वह मृदुभाषी एवं जनता के प्रति समर्पित जननेता रहे. अचानक उनका हम सबके बीच से चले जाना सबको स्तब्ध करने वाला है. उनकी ईश्वर से यही कामना है कि दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.
वहीं झामुमो राज्यसभा सांसद महुआ माजी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपक बिरुआ, आदित्य साहू ने रामदास सोरेन को सरल और मृदुभाषी स्वभाव के व्यक्तित्व, झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक और हमेशा जनता के प्रति समर्पित नेता करार देते हुए कहा कि उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि रामदास सोरेन का निधन राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है. उनका जीवन सादगी से भरा था. वहीं पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य ने आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों और मजदूरों की एक सशक्त आवाज खो दी है. इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता, कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर दिवंगत शिक्षा मंत्री के अंतिम दर्शन के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
झारखंड विधानसभा में मंत्री रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि देने के बाद, पार्थिव शरीर को घाटशिला के ताम्र प्रतिभा मंच मऊभंडार मैदान स्थित झामुमो कैंप कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता, नेता और आम जनता उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर सकेंगे. वहीं मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर झारखंड सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. 16 अगस्त के दिन को राजकीय शोक के रूप में घोषित किया गया है.
मंत्री के निधन की खबर मिलते ही घाटशिला विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. मंत्री रामदास सोरेन एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ कोल्हान क्षेत्र के संथाल समुदाय में भी अच्छी पकड़ रखते थे. उनके आवास पर शोक का माहौल है. इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना देने के लिए आम लोगों समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेता उनके आवास पर उमड़ रहे हैं.
आदिवासी समुदाय की सबसे बड़ी सामाजिक संस्था माझी परगना बकुल में माझी परगना महाल का झंडा फहराकर रामदास सोरेन के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी. इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
बता दें कि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने शुक्रवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली. 2 अगस्त को वे अपने आवास पर बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे. जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी. इसके बाद तुरंत उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया. जिसके बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उनकी इलाज चल रहा था.


