मुंबई: भारतीय घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला. वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में और सख्ती किए जाने की बढ़ती चिंताओं और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया. इसके चलते बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक 1.16 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए.
बाजार के मुख्य आंकड़े
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 278.80 अंक फिसलकर 23,824.10 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार के लिए 23,850 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा था, जो आज टूट गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 893.39 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,200.68 के स्तर पर आ गया. इस गिरावट से निवेशकों की भारी पूंजी साफ हो गई.
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई तेज बिकवाली के कारण हुई. इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने बताया कि भारतीय बाजारों ने हाल ही में तेल की कीमतों के सहारे मिली बढ़त को गंवा दिया. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और कड़ा करने की संभावनाओं से तकनीकी क्षेत्र के प्रति निवेशकों का भरोसा डगमगा गया. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने बाजार में उतार-चढ़ाव को काफी बढ़ा दिया.
सेक्टरवार प्रदर्शन: फार्मा को छोड़कर सब लाल निशान में
आज के कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लगभग सभी सेक्टर्स घाटे के साथ बंद हुए.
- निफ्टी आईटी (Nifty IT): यह सेक्टर आज सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में रहा, जिसमें 2.23% की गिरावट आई.
- निफ्टी मीडिया और पीएसयू बैंक: निफ्टी मीडिया में 3.22% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.97% की भारी गिरावट दर्ज की गई.
- निफ्टी ऑटो और एफएमसीजी: ऑटो सेक्टर 0.77% और एफएमसीजी सेक्टर 0.60% गिरकर बंद हुए.
- निफ्टी फार्मा (+0.92%): फार्मा सेक्टर आज बाजार में इकलौता ऐसा क्षेत्र रहा जो हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा. सुरक्षात्मक लिवाली के कारण दवा कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला.
वैश्विक बाजारों का हाल
भारतीय बाजार में यह कमजोरी अकेले नहीं थी, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में मंदी का माहौल देखा गया. सिंगापुर के ‘स्ट्रेट्स टाइम्स’ (0.03% बढ़त) को छोड़कर सभी प्रमुख एशियाई सूचकांक नुकसान में रहे. जापान का निक्केई 2.98% और हांगकांग का हैंगसेंग 1.79% टूट गया. सबसे बुरा हाल दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स का रहा, जो 11% से भी ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट के साथ 8,203 के स्तर पर बंद हुआ.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हेज्ड डॉट इन के डेरिवेटिव एक्सपर्ट रियांक अरोड़ा के मुताबिक, बाजार का लंबी अवधि का रुझान अभी भी मजबूत है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में चार्ट कमजोर नजर आ रहे हैं. आने वाले कुछ सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. ट्रेडर्स को अब अगले प्रमुख सपोर्ट जोन पर पैनी नजर रखनी होगी. दूसरी ओर, शेयर बाजार में मंदी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है और ब्रेंट क्रूड 77.51 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है.


