Tuesday, March 17, 2026

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद दिसंबर में भारत का निर्यात बढ़ा, FY26 में 850 अरब डॉलर से अधिक निर्यात का अनुमान.

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जहां एक ओर दुनिया वैश्विक मंदी की आशंकाओं से जूझ रही है, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती के संकेत दे रही है. नवंबर के बाद दिसंबर में भी देश के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर महीने में भारत का वस्तु निर्यात 1.87 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 38.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बताया कि दिसंबर 2025 में आयात बढ़कर 63.55 अरब डॉलर हो गया, जबकि दिसंबर 2024 में यह 58.43 अरब डॉलर था. समीक्षाधीन माह में देश का व्यापार घाटा 25 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात सकारात्मक रुझान बनाए हुए है.

FY26 में 850 अरब डॉलर से अधिक निर्यात का अनुमान
वाणिज्य सचिव ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तु और सेवाओं का कुल निर्यात 850 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है. अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान निर्यात 2.44 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 330.29 अरब डॉलर दर्ज किया गया.

अग्रवाल के अनुसार, वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में अमेरिका को होने वाले निर्यात में भी सालाना आधार पर वृद्धि हुई है.

निर्यात बाजारों का विस्तार
भारत ने अपने निर्यात को चीन, रूस और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) जैसे बाजारों की ओर विविधीकृत करने पर विशेष जोर दिया है. प्रोत्साहन योजनाओं और यूरोपीय संघ समेत प्रस्तावित व्यापार समझौतों से इन प्रयासों को समर्थन मिला है. अगस्त के अंत में अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बावजूद इन कदमों से शिपमेंट को सहारा मिला.

अग्रवाल ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बीच भारत का निर्यात अब भी सकारात्मक दायरे में बना हुआ है.

अमेरिका को निर्यात में मामूली गिरावट
दिसंबर में अमेरिका को होने वाला मर्चेंडाइज निर्यात नवंबर के 6.92 अरब डॉलर से मामूली घटकर 6.89 अरब डॉलर रह गया. हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में अमेरिका को कुल शिपमेंट सालाना आधार पर 9.75 प्रतिशत बढ़कर 65.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर बातचीत जारी है. पिछली बार वार्ता में रुकावट आने के बाद अब दोनों देश फिर से संवाद में जुटे हैं. वाणिज्य सचिव ने बताया कि दोनों देशों की वार्ताकार टीमें वर्चुअल माध्यम से संपर्क में हैं और बातचीत रुकी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की जा सकती. इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया था कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की है.

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