जादूगोड़ा: आसनबनी पंचायत के वीरग्राम में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल शुरू हुई है। शुक्रवार को यहां महिला स्वावलंबन केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सिलाई और कपड़ों की कटिंग का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पहल विश्व हिंदू परिषद जमशेदपुर (धर्म प्रसार) और वसुधा सारथी ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में महिला नेत्री दुखनी सोरेन, डॉ. सुंदर लाल मार्डी और अजय कुमार मौजूद रहे। अतिथियों ने नारियल फोड़कर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की।
आयोजकों के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उपयोगी कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं घर से सिलाई का काम शुरू कर आय का साधन विकसित कर सकती हैं।
सात महिलाओं से शुरू हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के शुरुआती चरण में वीरग्राम की सात महिलाओं का चयन किया गया है। उन्हें सिलाई मशीन चलाने के साथ-साथ कपड़ों की कटिंग और सिलाई से जुड़े अन्य जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे।
आयोजकों ने बताया कि प्रशिक्षण का दायरा आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत के अनुसार केंद्र में अतिरिक्त सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे आने वाले समय में ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में काम सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता है। उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर वे अपने घर से ही काम शुरू कर सकती हैं। इससे उनकी व्यक्तिगत आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिल सकती है।
अन्य क्षेत्र में भी शुरू होगा अभियान
आयोजकों के मुताबिक वीरग्राम के बाद राखा माइंस रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी इसी तरह का महिला कौशल प्रशिक्षण अभियान शुरू करने की तैयारी है। इसके जरिए आसपास के इलाकों की अधिक से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में वीरग्राम के ग्राम प्रधान डॉ. सुंदर लाल दास, विश्व हिंदू परिषद की अरुणा सारंगी, साई पद्मजा, ज्ञान प्रकाश, अजय कुमार, रंजन कुमार, शुभम भगत और मनसा मंडल सहित वसुधा सारथी ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के लिए चयनित महिलाओं में दशमी गोप, ललिता गोप, सरस्वती देवी, सुप्रीति और सोनिया गोप समेत अन्य महिलाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
