रांची: लोकायुक्त, सूचना आयुक्त समेत अन्य संवैधानिक संस्थाओं में रिक्त पदों पर नियुक्ति से संबंधित राजकुमार की जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि विस्तृत सुनवाई की अगली तारीख 1 अप्रैल निर्धारित की गई है क्योंकि महाधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि इस मसले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 मार्च को बैठक निर्धारित की गई है.
महाधिवक्ता की दलील के बाद अगली सुनवाई तय
महाधिवक्ता का पक्ष सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई की अगली तारीख 1 अप्रैल तय कर दी है. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा जबकि याचिकाकर्ता राजकुमार की ओर से अधिवक्ता वीपी सिंह ने पक्ष रखा.
हाईकोर्ट कई बार दे चुकी है चेतावनी
दरअसल, 18 मार्च को इस मामले को लेकर हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होती हैं और उनमें अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली रहने से उनकी कार्यक्षमता पूरी तरह प्रभावित होती है. अदालत ने सरकार को निर्देश दिया था कि सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरकर संस्थाओं को सक्रिय किया जाए. साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि इसमें और देरी हुई तो अदालत कड़े आदेश पारित करने के लिए स्वतंत्र होगा.
बता दें कि झारखंड में लोकायुक्त और मुख्य सूचना आयुक्त समेत कई संवैधानिक पद वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं. इसको लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है. प्रार्थी की दलील है कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार की ओर से मामले में टाल मटोल किया जा रहा है. इस मसले पर कोर्ट कई बार जवाब तलब करने के साथ-साथ फटकार लगा चुका है. अब देखना है कि 25 मार्च को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस मसले को लेकर क्या फैसला होता है.


