रांची: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी खटाल में बुधवार सुबह उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब अंश और अंशिका के सकुशल मिलने की खबर इलाके में फैली. जैसे ही यह सूचना लोगों के पास पहुंची, पूरे मोहल्ले में जश्न जैसा माहौल बन गया. महिला हो या पुरुष, बच्चे हो या बुजुर्ग, हर कोई इस खुशी में शामिल नजर आया. इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचना गाना शुरू किया.
बच्चों के मिलने पर सभी ने जताई खुशी
घर के बाहर रांची पुलिस के जयकारे जैसे नारों से माहौल गूंज उठा. भोजपुरी गीत पर लोग खूब नाच रहे थे. इसमें नौजवान से लेकर बूढ़े वर्ग के लोग शामिल हुए. इस दौरान लोग, अंश के परिवार के सदस्यों को मुबारकबाद दे रहे थे. ऐसी खुशी मना रहे थे कि मानो होली या फिर दीपावली आ गई हो. हालांकि इस खुशी में सिर्फ मौसीबाड़ी के लोग नहीं बल्कि पूरा शहर शामिल हुआ.

लोगों ने राहत की सांस ली
स्थानीय लोगों ने बताया कि अंश और अंशिका के सुरक्षित मिलने की खबर से सभी ने राहत की सांस ली है. बीते दिनों पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल था. हर कोई उनके सकुशल लौटने की दुआ कर रहा था लेकिन जैसे ही यह शुभ समाचार मिला, लोगों का सारा तनाव खुशी में बदल गया.
परिजनों ने पड़ोसियों का जताया अभार
अंश और अंशिका के परिजनों ने भी इलाके के लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में मोहल्ले और शहर के लोगों ने जिस तरह उनका साथ दिया, उसे वे कभी नहीं भूल सकते. परिजनों ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज का जश्न, आपसी एकता और भाईचारे का प्रतीक है. शाम तक मौसीबाड़ी खटाल में उत्सव का माहौल बना रहा.
इधर, ढोल-नगाड़ों की गूंज, गुलाल की रंगत और लोगों के चेहरों पर मुस्कान ने इस दिन को यादगार बना दिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दिन लंबे समय तक इलाके के इतिहास में खुशी के एक खास पल के रूप में याद किया जाएगा.


