महिलाओं की आवाज़ में बात करके देश भर में 100 से ज्यादा लोगों को ठगने के आरोपियों को रेवाड़ी पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा है.
रेवाड़ी: रेवाड़ी पुलिस ने दिल्ली से साइबर ठगी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों के 100 से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बनाया था. इनके गैंग का सरगना बिहार का रहने वाला अजीत मांझे है जो कि पोस्ट ग्रेजुएट है और वो वॉयस चेंजर एप के जरिए महिलाओं की आवाज़ में लोगों को कॉल करता था और फिर उनके खाते से रकम गायब कर दिया करता था.
महिलाओं की आवाज़ में करते थे लोगों से बातें: दरअसल, रेवाड़ी पुलिस ने दिल्ली के उत्तम नगर में एक कॉल सेंटर के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों के 100 से ज्यादा लोगों से ठगी करने वाले जीजा-साला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गैंग का सरगना अजीत मांझे पोस्ट ग्रैजुएट तक की पढ़ाई कर चुका है और बिहार का रहने वाला है. उसका साला विकास बैंकिंग सेक्टर में नौकरी कर चुका है. अजीत मांझे अपने शिकार को झांसे में लेने के लिए वॉयस चेंजर एप का इस्तेमाल किया करता था और फिर महिलाओं की आवाज़ में बातें करता था. इस दौरान वो उनसे उनके अकाउंट से जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल कर लिया करता था और फिर अपने साले विकास और गैंग से जुड़े अपने दो अन्य साथी संदीप और संजय को देता था. इन चारों ने बिहार में कुछ लोगों के अकाउंट खुलवाए थे, जिनके अकाउंट में ये ठगी का पैसा ट्रांसफर कराते थे. बदले में ये उन्हें ठगी की रकम का 15 से 20 प्रतिशत दिया करते थे.
रेवाड़ी में एक शख्स से की थी ठगी: डीएसपी हेडक्वार्टर रविंद्र कुमार ने बताया, “अजीत मांझे काफी लंबे समय तक कॉल सेंटर में काम चुका था. वो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है. वॉयस चेंजर एप के जरिए वो औरतों की आवाज़ में अनजान नंबरों से लोगों को बातचीत कर उन्हें फंसा लेता था. इसी तरह उसने 29 मई को रेवाड़ी के गांव फिदेड़ी के रहने वाले नितेश को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उसके अकाउंट से संबंधित जानकारी जुटा ली. इसके बाद उसके साले विकास, संदीप और संजय को उसने जानकारी दे दी. तीनों ने मिलकर एक ऐप के जरिए उसके खाते से एक लाख तीन हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए.
दिल्ली के कॉल सेंटर से चारों गिरफ्तार: इस बारे में पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत दी. शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी. पुलिस ने एक माह के अंदर जानकारी जुटा ली और पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची. टीम ने दिल्ली के उत्तम नगर स्थित एक कॉल सेंटर से चारों को गिरफ्तार कर लिया.
100 से अधिक वारदातों को दे चुके हैं अंजाम: डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविंद्र कुमार ने आगे बताया कि आरोपियों ने 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस के सामने चारों ने महज चार वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है. पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड सहित अन्य सामान जब्त कर लिया है. आरोपियों ने ठगी करने के लिए बिहार में ही कुछ लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया, जिन्हें ठगी की रकम में से 15-20 प्रतिशत राशि ये दे देते थे.
नौकरी जाने के बाद बन गए ठग: पकड़े गए चारों आरोपियों में अजीत मांझे, विकास, संदीप और संजय अच्छे पढ़े लिखे हैं. डीएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान चारों ने बताया कि उनको सट्टे का शौक था. चारों ने मिलकर ये गैंग साल 2022 में बनाई थी. इससे पहले चारों अच्छी नौकरी करते थे. संजय और संदीप दोनों बैंकिंग सेक्टर और विकास कॉल सेंटर में नौकरी करता था. साल 2021 में इनकी नौकरी चली गई. इसके बाद ये ठग बन गए.


