Friday, April 10, 2026

रेलवे बोर्ड ने लोको पायलट और स्टेशनरी स्टाफ के बीच वरिष्ठता तय करने के नियमों को स्पष्ट किया है।

Share

रेलवे बोर्ड ने लोको पायलट और स्टेशनरी स्टाफ के बीच वरिष्ठता तय करने के नियमों को स्पष्ट किया है। विभिन्न जोनल रेलवे में असमानता और एक अदालती मामले के बाद यह निर्णय लिया गया।

 पटना। भारतीय रेल के रेलवे बोर्ड ने लोको पायलट (रनिंग स्टाफ) और स्टेशनरी स्टाफ के बीच वेतन स्तर के आधार पर सीनियरिटी तय करने के नियमों को स्पष्ट करते हुए सभी जोनल रेलवे को एकरूपता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश ग्रुप ‘सी’ से ग्रुप ‘बी’ पदों पर 70 प्रतिशत चयन कोटे के तहत पदोन्नति के लिए इंटीग्रेटेड सीनियरिटी सूची तैयार करने के संदर्भ में जारी किया गया है।

असामानता देखकर ल‍िया निर्णय 

बोर्ड ने पाया कि विभिन्न जोनल रेलवे सीनियरिटी निर्धारण में अलग-अलग तरीके अपना रहे थे, जिससे असमानता की स्थिति बन रही थी।

साथ ही एक न्यायालयीन मामले में भी इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके मद्देनजर बोर्ड ने पूर्व में जारी निर्देशों का हवाला देते हुए एक समान प्रक्रिया अपनाने को कहा है।

ECR 1

सभी जोन में सीनियरिटी तय करने का एक ही तरीका होगा लागू

निर्देश के अनुसार, 6ठे वेतन आयोग (सीपीसी) के तहत लेवल-6 (ग्रेड पे 4200) में आने वाले लोको पायलट (मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर) की सीनियरिटी उनकी नियुक्ति तिथि के आधार पर तय होगी।

वहीं, लेवल-7 (ग्रेड पे 4600) के स्टेशनरी स्टाफ को उसी सूची में उनकी नियुक्ति तिथि के अनुसार समायोजित किया जाएगा।

लोको पायलट (गुड्स) को उक्त श्रेणी के नीचे, लेकिन अन्य लेवल-6 कर्मचारियों से ऊपर स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा शंटिंग लोको पायलट के लिए भी अलग प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी चयन प्रक्रियाओं में इसी मानक का पालन किया जाएगा। हालांकि, पहले से अंतिम रूप ले चुकी चयन प्रक्रियाओं को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से जारी किया गया है और सभी रेलवे इकाइयों को तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

Read more

Local News