Sunday, June 14, 2026

रेल मंत्रालय और NHSRCL ने दिल्ली को बुलेट ट्रेन हब बनाने के लिए LiDAR सर्वे पूरा कर चार नए रूटों का ब्लूप्रिंट तैयार किया है.

Share

 भारत में रफ्तार के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है. देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना 15 अगस्त 2027 तक पूरी होने की कगार पर है, सरकार ने बजट में 7 नए हाईस्पीड कॉरिडोर का ऐलान किया था, जो प्राथमिकता के आधार पर देश के बड़े महानगरों के बीच सुपरफास्ट रेल नेटवर्क बनाएंगे. सरकार की योजना भविष्य में राजधानी दिल्ली से बुलेट ट्रेन के कई रूट निकालने की है. जैसा कि नमो भारत ट्रेन के लिए किया गया है. खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू में देश के हाईस्पीड कॉरिडोर को लेकर सरकार का पूरा एक्शन प्लान बताया था.

नमो भारत एक्सप्रेस की सफलता के बाद, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) दिल्ली से देश के प्रमुख महानगरों को जोड़ने के लिए चार नए बुलेट ट्रेन रूट्स का ब्लूप्रिंट तैयार कर चुका है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के बड़े व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच यात्रा के समय को 70% तक कम करना है.

1. दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कॉरिडोर दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से शुरू होकर नोएडा सेक्टर 146, जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट), मथुरा, आगरा, इटावा, कनौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज होते हुए वाराणसी (मंडुआडीह) तक जाएगा. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी 135 किमी लंबी ‘अयोध्या लिंक लाइन’ है, जो लखनऊ से सीधे रामनगरी को जोड़ेगी. इस रूट के बनने से दिल्ली से वाराणसी का 12 घंटे का सफर घटकर मात्र 3 घंटे 50 मिनट का रह जाएगा.

2. दिल्ली-अहमदाबाद कॉरिडोर
यह रूट दिल्ली के द्वारका या सराय काले खां से शुरू प्रस्तावित है. यह ट्रेन गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर और हिम्मतनगर होते हुए गुजरात के साबरमती स्टेशन तक पहुंचेगी. साबरमती में यह देश के पहले चालू हो रहे मुंबई-अहमदाबाद ट्रैक से कनेक्ट हो जाएगी. इसके चालू होने पर दिल्ली से अहमदाबाद की दूरी 14 घंटे के बजाय महज 3.5 से 4 घंटे में पूरी होगी.

3. दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर
उत्तर भारत को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण रूट है. ट्रेन द्वारका सेक्टर 21 से शुरू होकर हरियाणा के रोहतक, जींद, कैथल से होते हुए पंजाब-चंडीगढ़ (मोहाली) पहुंचेगी. वहां से लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर जाएगी. भविष्य के प्लान में इसे पठानकोट के रास्ते जम्मू और कटरा (वैष्णो देवी) तक बढ़ाया जाएगा. इससे दिल्ली-अमृतसर का सफर सिर्फ 2 घंटे का हो जाएगा.

4. दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर
रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने के लिए इस नए रूट की घोषणा की है. यह ट्रेन दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और बिहार के पटना से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) तक जाएगी. वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 20 घंटे लगते हैं, जो बुलेट ट्रेन से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएंगे. फिलहाल इन सभी चारों रूट्स पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्री-कंस्ट्रक्शन सर्वे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.

बता दें कि, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और रेल मंत्रालय दिल्ली को एक बड़े हाई-स्पीड रेल हब में बदलने के लिए एक दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट पर काम कर रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे नमो भारत नेटवर्क में दिल्ली की भूमिका लगातार बढ़ रही है. हालांकि ये परियोजनाएं अभी योजना के विभिन्न चरणों में हैं.

Read more

Local News