रामगढ़/नेमरा: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दशकर्म से जुड़ी तस्वीरें साझा करते हुए अपनी मां को याद किया और लिखा, “मां..”
पैतृक गांव नेमरा में निभाई गईं पारंपरिक रस्में
रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में उनके पैतृक गांव नेमरा में आवास के पास स्थित तालाब के किनारे संपन्न हुईं। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दोनों पुत्रों, परिवार के अन्य सदस्यों और गांव के बुजुर्गों के साथ मौजूद रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, संथाली परंपरा के तहत कुडूम हड़ाम छोटू बेसरा, नायके हड़ाम चेतन टुडू, प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन और काशीनाथ बेसरा ने धार्मिक रस्में पूरी कराईं। तालाब से लौटने के बाद घर में परिवार की महिला सदस्यों की मौजूदगी में अन्य परंपरागत विधियां भी निभाई गईं।
मां को याद कर भावुक हुए हेमंत सोरेन
दशकर्म की रस्मों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां की याद में सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उनका संक्षिप्त संदेश—“मां..”—मां के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।
रूपी सोरेन के निधन के बाद से मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ पैतृक गांव नेमरा में रह रहे हैं। इस दौरान उनकी पत्नी और झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक कल्पना सोरेन, दोनों पुत्र तथा परिवार के अन्य सदस्य भी साथ रहे।
18 अक्टूबर को होगा संस्कार भोज
दशकर्म की रस्में पूरी होने के बाद रविवार, 18 अक्टूबर को संस्कार भोज आयोजित करने की तैयारी की गई है। खबर के मुताबिक, इस आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर लिए जाने की बात भी सामने आई है।
रूपी सोरेन के निधन के बाद से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, अधिकारियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आंदोलन से जुड़े लोगों का नेमरा पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला जारी रहा।
नेमरा से ही सरकारी कामकाज संभालते रहे मुख्यमंत्री
मां के निधन के बाद शोक की इस अवधि में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पैतृक गांव से ही जरूरी सरकारी कामकाज भी संभाला। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने महत्वपूर्ण फाइलों की समीक्षा की और उनसे मिलने पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समस्याओं के समाधान और लोगों को मदद उपलब्ध कराने के लिए निर्देश भी दिए। इस तरह पारिवारिक शोक के बीच उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखा।
BHARATSUPERFASTNEWS
