नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रिटेल सेक्टर के लिए एक बड़े बदलाव की घोषणा की है. कंपनी अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाते हुए दो नए बड़े प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रही है. पहला ‘एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म’ (उत्पादन केंद्र) और दूसरा ‘एक्सपोर्ट्स प्लेटफॉर्म’. इन दोनों प्लेटफॉर्म के जरिए रिलायंस अपने कंज्यूमर बिजनेस को भारतीय और ग्लोबल मार्केट में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी.
1. मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म: उत्पादन से लेकर सप्लाई चेन तक नियंत्रण
मुकेश अंबानी ने साफ किया कि रिलायंस रिटेल अब सिर्फ सामान बेचने वाली दुकान नहीं रहेगी. कंपनी खुद बड़े पैमाने पर सामान बनाएगी. इसके तहत तीन मुख्य सेक्टर पर ध्यान दिया जाएगा:
फल और सब्जियों का आधुनिकीकरण: भारत का सब्जी और फल बाजार बहुत असंगठित है, जिससे फसल खराब होती है. रिलायंस अपने कोल्ड-स्टोरेज और डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल करके इसे सुधारेगी. इससे किसानों को फसलों की सही कीमत मिलेगी, छोटे दुकानदारों को लगातार सप्लाई मिलेगी और आम परिवारों को सस्ती दरों पर ताजी चीजें मिलेंगी.
कपड़ा उद्योग (गारमेंट इकोसिस्टम): देश भर में 21 मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (उत्पादन केंद्रों) के साथ पार्टनरशिप की गई है. यहां बहुत ही कम दाम में प्रीमियम और बेहतरीन क्वालिटी के कपड़े तैयार किए जाएंगे.
सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स: रिलायंस अब खुद के स्मार्ट आईवियर (चश्मे), टीवी, स्मार्टफोन और वियरेबल्स (स्मार्टवॉच) बनाएगी. इसका सीधा फोकस ग्राहकों को कम कीमत में बेहतरीन टेक्नोलॉजी देना है.
2. एक्सपोर्ट्स प्लेटफॉर्म: ग्लोबल मार्केट में एंट्री
रिलायंस अपनी एफएमसीजी (FMCG) कंपनी ‘रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ (RCPL) के ब्रांड्स को अब विदेशों में बेचेगी. कंपनी का मानना है कि भारत में मिली बड़ी सफलता के बाद अब उनके घरेलू ब्रांड्स विदेशी बाजारों के ग्राहकों की जरूरतों को भी पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
रिकॉर्ड कमाई और 20,000 स्टोर्स का सफर
साल 2006 में हैदराबाद से शुरू हुआ रिलायंस रिटेल का सफर आज एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गया है:
- वित्तीय आंकड़े (FY26): वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस रिटेल की कुल बिक्री 12.1% की बढ़त के साथ ₹3,71,085 करोड़ तक पहुंच गई है.
- स्टोर्स की संख्या: कंपनी ने इस साल की चौथी तिमाही में 20,000 स्टोर्स चलाने का रिकॉर्ड बनाया है. एशिया में इतनी तेजी से यह मुकाम हासिल करने वाली रिलायंस पहली कंपनी है.


