Friday, February 13, 2026

रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का निधन हो गया है.

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मुंबई: हिंदी एंटरटेनमेंट की दुनिया से एक बुरी खबर सामने आई है. मशहूर टीवी सीरीज ‘रामायण’ के क्रिएटर, मशहूर फिल्ममेकर रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का आज, 13 फरवरी, 2026 को शांति से निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार शाम 4:30 PM बजे हिंदू श्मशान भूमि, पवन हंस, मुंबई में हुआ. उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए इंडस्ट्री के कई लोग श्मशान पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

परिवार के सदस्यों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आनंद रामानंद सागर चोपड़ा के निधन की खबर दी. उन्होंने पोस्ट में आनंद की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमारे प्यारे पिता आनंद रामानंद सागर चोपड़ा गुजर गए हैं. उनकी शांतिपूर्ण यात्रा के लिए आपकी प्रार्थनाओं और आशीर्वाद का दिल से आभार. सागर परिवार.’ पोस्ट में उनके अंतिम संस्कार की जानकारी भी दी गई, जो आज हुआ.

आनंद रामानंद सागर को अंतिम विदाई देने के लिए दिग्गज अभिनेत्री पूनम ढिल्लन, पति के साथ भाग्यश्री, हिमालय दसानी और जाने-माने फिल्ममेकर रमेश सिप्पी श्मशान पहुंचे हैं. इन दिग्गजों को आनंद रामासागर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए श्मशाम जाते हुए देखा गया.

मशहूर सागर परिवार के सदस्य के तौर पर आनंद सागर ने ‘रामायण’ 2008 जैसे पौराणिक प्रोडक्शन में योगदान दिया और अपने पिता रामानंद सागर के भारतीय टेलीविजन में शुरुआती काम में मदद की. डायरेक्शन के अलावा, उन्होंने ‘आंखें’, ‘अरमान’ और ‘अलिफ लैला’ जैसी कई मशहूर फिल्में भी प्रोड्यूस की हैं.

रामानंद सागर ने लीलावती सागर से शादी की और उनके 5 बच्चे हुए,जिसमें चार बेटे, सुभाष सागर, मोती सागर, प्रेम सागर और आनंद सागर और एक बेटी सरिता सागर. रामानंद ने 1940 के दशक में एक राइटर के तौर पर फ़िल्मों में शुरुआत की, ‘बरसात’ जैसी हिट फिल्मों में अपना अहम योगदान दिया. बाद में ‘चरस’ (1976) और ‘प्रेम बंधन’ (1979) जैसी सक्सेसफ़ुल फ़िल्मों को डायरेक्ट किया था. 80 के दशक में टीवी पर आने के बाद, उन्होंने ‘लव कुश’, ‘श्री कृष्णा और ‘विक्रम और बेताल’ जैसे माइथोलॉजिकल शो बनाए. उन्हें 2000 में पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

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