रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह से जुड़े दो लोगों के खिलाफ झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA), 2002 के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत सुजीत डोम उर्फ सुजीत राम को निरुद्ध रखने का आदेश जारी किया गया है। वहीं, तुषार मिश्रा उर्फ शोम्या मिश्रा के निरुद्धादेश की अवधि बढ़ा दी गई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों की समीक्षा झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश पर परामर्शदात्री परिषद (Advisory Board) ने की। समीक्षा के बाद दोनों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार पाया गया।
कौन हैं दोनों आरोपी?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुजीत डोम उर्फ सुजीत राम पतरातू के भुरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित रिवर साइड बुधबाजार का निवासी है।
वहीं, तुषार मिश्रा उर्फ शोम्या मिश्रा रामगढ़ थाना क्षेत्र के मिश्रा टोला का रहने वाला है।
दोनों के खिलाफ CCA के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। सुजीत डोम के मामले में निरुद्धादेश पारित किया गया, जबकि तुषार मिश्रा के मामले में पहले से जारी निरुद्धादेश की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
क्या होता है CCA के तहत निरुद्धादेश?
झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 (CCA) के तहत संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जा सकती है। निरुद्धादेश का अर्थ है किसी व्यक्ति को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखने का आदेश देना।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संभावित आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना है।
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