रामगढ़: सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में अतिक्रमण हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा. वहीं दूसरी तरफ अमावस्या के मौके पर सुबह मंगल आरती के बाद से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पहुंची. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, तेज धूप ने भी श्रद्धालुओं की मुश्किलें और बढ़ा दी.
भोजन और पानी के लिए परेशान हुए श्रद्धालु
अतिक्रमण हटने के बाद मंदिर परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. पहले यहां श्रद्धालुओं को आसपास दुकानों और होटलों की सुविधा मिल जाती थी, लेकिन अतिक्रमण हटने के बाद लोगों को पानी और भोजन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई श्रद्धालु इधर-उधर भटकते नजर आए. हालांकि मंदिर न्यास समिति की ओर से पानी की व्यवस्था को कुछ हद तक दुरुस्त किया गया.
अतिक्रमण हटाने के दौरान बिजली आपूर्ति ठप
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान इलाके की बिजली काट दी गई है, जिससे गर्मी के बीच श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस दौरान मंदिर जाने वाले रास्ते पर मालबा बिखरा है. दुकान के शीशे सड़क पर टूटे पड़े हैं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट
वहीं, इस कार्रवाई का असर सिर्फ दुकानदारों तक सीमित नहीं है. बल्कि वहां काम करने वाले मजदूरों पर भी पड़ा है. कई मजदूर मायूस हो चुके हैं. मजदूर पारो देवी ने बताया कि एक दुकान से कई लोगों की रोजी-रोटी चलती थी, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया है. अब काम नहीं है, कमाई नहीं है, घर कैसे चलेगा? यही सबसे बड़ी चिंता है.

दुकानों और होटल के हटने से श्रद्धालुओं को दिक्कत
मंदिर के पुजारी लोकेश पंडा ने कहा कि आज अमावस्या की तिथि है. सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है. अचानक धूप और गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है. मंदिर के आसपास दुकानों और होटलों को हटाने से श्रद्धालुओं को पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है.

भैरवी नदी के किनारे से हटाया गया अतिक्रमण
चितरपुर अंचल के अंचल अधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम दूसरे दिन भी जारी है. भैरवी नदी के किनारे तक फैले अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया दिया जाएगा. उन्होंने आगे बताया कि पहले दिन 254 दुकानों को हटाया जा चुका है और अब बचे हुए मलबे को साफ करने का काम किया जा रहा है.


