रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस का मौजूदा प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित में कर रही हैं और ऐसे मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जो भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करते।
किशोर ने कहा कि यदि लोकतंत्र कमजोर हुआ तो देश में तानाशाही की स्थिति पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक, जब लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन संभव नहीं हो पा रहा है, तब मतदाता सूची में बदलाव के जरिए सत्ता में बने रहने की रणनीति अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की स्थिति को स्वीकार नहीं करेगी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक विरासत लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी रही है। किशोर ने राहुल गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी सत्ता में रहे या विपक्ष में, लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचने देगी।
SIR और मतदाता सूची पर कांग्रेस के सवाल
मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड कांग्रेस पहले भी सवाल उठाती रही है। 28 सितंबर को चुनाव आयोग के कार्यालय के घेराव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए पार्टी ने पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता विवरण में सुधार की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग की थी।
राधाकृष्ण किशोर इससे पहले झारखंड विधानसभा में भी SIR को लेकर चिंता जता चुके हैं। उस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया से वंचित और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित चुनावी प्रक्रिया के संबंध में निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी अलग से देखी जानी चाहिए।
