Monday, March 16, 2026

राज्यपाल ने झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025 को मंजूरी दे दी है.

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रांचीः झारखंड विधानसभा द्वारा पारित ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है.

लोकभवन से मिली जानकारी के अनुसार यह विधेयक राज्य में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, नियंत्रण, विनियमन तथा न्यूनतम मानकों के निर्धारण का प्रावधान करता है. इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, कोचिंग सेंटरों में नामांकित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है.

यह बिल अगस्त 2025 में विधानसभा द्वारा पारित किया गया था और इसमें फीस तय करने, शिक्षक तैनाती और छात्रों की सुरक्षा के कड़े प्रावधान हैं. राज्य में कोचिंग संस्थानों की मनमानी रोकने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लाया गया यह एक कानून है. जिसके तहत 50 से अधिक छात्रों वाले संस्थानों के लिए बैंक गारंटी, अलग रजिस्ट्रेशन, नियामक समितियों का गठन, शिक्षक-छात्र अनुपात और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श जैसी शर्तें शामिल हैं.

अब नहीं चलेगी कोचिंग संस्थानों की मनमानी

इस बिल के पास होने के बाद यह साफ हो गया है कि इसके माध्यम से कोचिंग संस्थानों पर अब लगाम लगेगा. इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय कोचिंग सेंटर विनियामक समिति का गठन होगा. जिला के उपायुक्त इसके अध्यक्ष होंगे जबकि राज्य स्तर पर झारखंड राज्य कोचिंग सेंटर विनिमय प्राधिकरण का गठन होगा. इसके तहत सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारी अध्यक्ष होंगे.

इस अधिनियम लागू होने के 6 माह के भीतर या सरकार की ओर से तय समय सीमा के भीतर कोचिंग संचालकों को वेब पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा. किसी कोचिंग संचालक के पास जिले के भीतर या बाहर जितने भी कैंपस होंगे उनका अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

इस अधिनियम में कोचिंग सेंटर द्वारा नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है. पहली बार अपराध करने पर 5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. दूसरी बार अपराध करने पर 10 लाख तक जुर्माना का प्रावधान है. इसके बाद पंजीकरण रद्द किया जाएगा.

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