राज्य सरकार ने मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के रनवे समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 43.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि यह टेंडर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) द्वारा जारी किया गया है। इससे पटना और दरभंगा एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी, साथ ही क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पटना। मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को जल्द शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट पर रनवे समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि मुजफ्फरपुर में निर्माणाधीन हवाईअड्डे के रनवे के निर्माण के लिए 43 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से टेंडर जारी किया गया है। यह टेंडर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) की ओर से जारी किया गया है। इससे पटना और दरभंगा एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी तथा क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
टेंडर के तहत मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन योग्य बनाने के लिए रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, पेरिमीटर रोड, जीएसई एरिया, वाहन लेन, आपातकालीन संपर्क सड़क, रेसा, रनवे बेसिक स्ट्रिप और अन्य संबद्ध कार्यों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। यह परियोजना मुजफ्फरपुर को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुजफ्फरपुर होगा राज्य का पांचवांं एयरपोर्ट:
वर्तमान में पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्ट के संचालन के बाद पूर्णिया एयरपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है और अब मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट से परिचालन शुरू करने की तैयारी है। यह राज्य का पांचवां पब्लिक एयरपोर्ट होगा। टेंडर जारी होने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इससे जल्द ही मुजफ्फरपुरवासियों का अपने शहर से उड़ान भरने का सपना साकार होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हवाई सेवा का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। यह एयरपोर्ट मुजफ्फरपुर, आसपास के जिलों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार की नीतीश कुमार सरकार की डबल इंजन सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात है।
सड़क और रेल नेटवर्क का भी हो रहा विस्तार:
सम्राट ने कहा कि राज्य में सड़क और रेल परिवहन का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। गांव-गांव और गली-गली सड़कों का जाल बिछाने के बाद अब एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। राज्य में रेल नेटवर्क के विकास के लिए 10 हजार करोड़ करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट आवंटन हुआ है।
उन्होंने कहा कि अभी यहां 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। हाल ही में वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी स्वीकृति मिली है।


