Friday, March 13, 2026

राज्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में कक्षा-1 के नामांकन के लिए 9 से 14 मार्च तक ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

Share

राज्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में कक्षा-1 के नामांकन के लिए 9 से 14 मार्च तक ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस प्रक्रिया से 91 विद्यालयों में पारदर्शी तरीके से छात्रों का चयन होगा

पटना। राज्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में नामांकन के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। कक्षा-1 में नामांकन के लिए 9 से 14 मार्च के बीच विभिन्न जिलों में ऑनलाइन लॉटरी आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। लॉटरी के जरिए चयनित बच्चों का नामांकन संबंधित विद्यालयों में कराया जाएगा। विभाग ने सभी जिलों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिलों में तय कार्यक्रम के अनुसार होगा आयोजन

विभाग के अनुसार लॉटरी प्रक्रिया संबंधित जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।

लॉटरी के दौरान अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

चयनित विद्यार्थियों की सूची संबंधित विद्यालयों को भेजी जाएगी। इसके बाद नामांकन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

91 आवासीय विद्यालयों में होगा नामांकन

एससी-एसटी कल्याण विभाग के तहत राज्य में कुल 91 डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।

कक्षा-1 और कक्षा-6 में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। कक्षा-1 के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली अपनाई गई है।

वहीं कक्षा-6 में नामांकन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के आधार पर भी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।

कक्षा-6 के लिए पहले हो चुकी है परीक्षा

कक्षा-6 में नामांकन के लिए 22 फरवरी को राज्यस्तरीय लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में राज्यभर के विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

परीक्षा के परिणाम के आधार पर योग्य विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें संबंधित आवासीय विद्यालयों में नामांकन का अवसर मिलेगा।

विभाग ने परीक्षा प्रक्रिया को भी पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया है। इससे छात्रों को समान अवसर देने का प्रयास किया गया है।

निशुल्क आवासीय शिक्षा की सुविधा

अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इन विद्यालयों में छात्रों को निशुल्क आवासीय शिक्षा की सुविधा मिलती है।

इसके साथ ही भोजन, पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिले।

इससे उनके शैक्षणिक और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि इन विद्यालयों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।

Table of contents [hide]

Read more

Local News