रांची: झारखंड में उच्च शिक्षा व्यवस्था इन दिनों कई चुनौतियों से जूझ रही है, जिसका सबसे अधिक असर रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) में देखने को मिल रहा है. यहां स्नातक सत्र 2022-25 का परिणाम अब तक जारी नहीं हो सका है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. ताजा जानकारी के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसने परिणाम जारी होने में और देरी की आशंका बढ़ा दी है.
बताया जा रहा है कि जिन शिक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का जिम्मा सौंपा गया था, उनके पास से अब तक कई कॉपियां विश्वविद्यालय को वापस नहीं मिली हैं. इसका मुख्य कारण भुगतान में देरी बताया जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रोफेसर संघ से जुड़े डॉ राजकुमार ने बताया कि, शिक्षकों ने कॉपियों की जांच पूरी कर ली है, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से उनका पारिश्रमिक लंबित है. इसी वजह से वे उत्तर पुस्तिकाएं जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया अटक गई है.
इस पूरे मामले पर जब रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार गुरु चरण साहू से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति चुनौतीपूर्ण है. हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि शिक्षकों से सकारात्मक आश्वासन मिला है और जल्द ही सभी उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय को मिल जाएंगी. रजिस्ट्रार के अनुसार, परीक्षा विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर परिणाम प्रकाशित कर दिया जाएगा.
परिणाम में हो रही इस देरी का सीधा असर करीब 30 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जो उच्च शिक्षा के अगले चरण में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं. बिना रिजल्ट के वे न तो पीजी में नामांकन ले पा रहे हैं और न ही अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी कर पा रहे हैं. छात्र लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन मूल्यांकन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की धीमी रफ्तार के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.
रजिस्ट्रार ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय में परीक्षा नियंत्रकों का लगातार बदलाव हुआ है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है. इन प्रशासनिक अस्थिरताओं का असर परीक्षा और परिणाम से जुड़े कामों पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि अब इन विसंगतियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के लिए गंभीरता से प्रयासरत है.
रांची यूनिवर्सिटी में परिणाम में हो रही देरी न केवल छात्रों के करियर को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है. ऐसे में जरूरी है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालकर छात्रों को राहत दे.


