Sunday, August 9, 2026

रांची में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू, राज्यपाल बोले- झारखंड में ही मिले अत्याधुनिक इलाज.

Share

रांची: झारखंड में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और पहल हुई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को धुर्वा स्थित पारस HEC हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से राज्य में उपचार की गुणवत्ता और चिकित्सा सेवाओं की क्षमता को और बेहतर किया जा सकता है।

राज्यपाल ने रोबोटिक सर्जरी को चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उनके अनुसार, इस तकनीक की मदद से चिकित्सकों को जटिल ऑपरेशन में अधिक सटीकता के साथ काम करने में सहायता मिल सकती है।

जटिल ऑपरेशन में तकनीक से मिल सकती है मदद

रोबोटिक सर्जरी के जरिए चिकित्सकों को सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान बेहतर नियंत्रण और सटीकता हासिल करने में मदद मिल सकती है। कई मामलों में छोटे चीरे, कम असुविधा और अपेक्षाकृत तेज रिकवरी जैसे संभावित फायदे भी बताए जाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसी सुविधाओं के विस्तार से झारखंड के मरीजों को उन्नत सर्जिकल उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

झारखंड को मेडिकल हब बनाने पर जोर

संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि राज्य में ऐसा स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया जाना चाहिए, जहां लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बाहर जाने की जरूरत कम पड़े। उन्होंने यह भी उम्मीद जतायी कि आने वाले समय में झारखंड दूसरे राज्यों के मरीजों के लिए भी बेहतर चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए अस्पतालों के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नई तकनीक पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

अपने इलाज का अनुभव भी साझा किया

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब दो दशक पहले एक दुर्घटना में उनके पैर में गंभीर चोट आयी थी। उस समय उन्हें चिकित्सकों से बेहतर उपचार मिला और कुछ ही दिनों में वे चलने लगे थे।

उन्होंने बताया कि आज भी उनके पैर में नौ बोल्ट लगे हुए हैं। अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक उपचार सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया।

तकनीक के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि नई तकनीक का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, किफायती और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से तकनीकी दक्षता के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना बनाए रखने की अपील की। उनके अनुसार, चिकित्सा क्षेत्र में मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल।

आयुष्मान भारत का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की अपील

राज्यपाल ने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से पात्र लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराने की अपील की।

इलाज के साथ बीमारी से बचाव पर भी ध्यान जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ अगर रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता पर भी काम किया जाए, तो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

Read more

Local News