रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई जारी है. रिम्स के डॉक्टर्स आवासीय कॉलोनी में कई दिनों तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जाने के बाद अब डीआईजी ग्राउंड के चारों ओर रिम्स की जमीन पर बनाये गए अवैध निर्माण को ढहाया जा रहा है. सोमवार को डीआईजी ग्राउंड के पूर्वी भाग में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया.
अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रही कार्यपालक दंडाधिकारी साइनी तिग्गा ने कहा कि मैदान के पूर्वी इलाके में लगभग आधा दर्जन पक्के मकान अतिक्रमित जमीन पर बना लिया गया है. इन सभी निर्माण को तोड़ा जाएगा. उन्होंने बताया कि ये लोग मकान खाली नहीं कर रहे थे
जब अतिक्रमण हटाने के लिए टीम पहुंची तो उसके बाद लोगों ने घर खाली करना शुरू कर दिया है. कार्यपालक दंडाधिकारी ने कहा कि इन घरों में रहने वाले लोग जिस कागज और डॉक्यूमेंट्स की बात कह रहे हैं, उसे सही जगह पर अपनी बात रखनी चाहिए, हम लोग अदालत के आदेश का पालन करा रहे हैं.
कार्यपालक मजिस्ट्रेट साइनी तिग्गा ने कहा कि बड़ी संख्या में जिला पुलिस के जवानों के साथ-साथ मजदूरों को अतिक्रमण हटाओ अभियान में लगाया गया है. अभी तक तीन-तीन जेसीबी लगाए गए थे. मंगलवार से अतिक्रमण हटाने के काम में लगे लोगों की संख्या और बढ़ाई जाएगी. डीआईजी ग्राउंड के पूर्वी-उत्तरी भाग में बने बहुमंजिला अपार्टमेंट को तोड़ने की कार्रवाई जारी है. उन्होंने बताया कि भवन निर्माण विभाग और नगर निगम द्वारा ही अपार्टमेंट को तोड़ा जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट गए हैं, वक्त तो दे प्रशासन, मुख्यमंत्री दे निर्देश: पीड़ित
सोमवार को जिन लोगों के पक्के और आलीशान मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई. उन मकानों में रहने वाले लोगों ने कहा कि उन्होंने रैयत से जमीन खरीदी, सीओ कार्यालय से जमीन का म्यूटेशन हुआ, नगर निगम ने नक्शा पास किया, बैंक से होमलोन मिला और इसी महीने में ही बड़गांई सीओ ने लगान भी लिया. लेकिन अब बताया जा रहा है कि उनका घर अवैध है
रिम्स के सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. आईबी चौधरी ने कहा कि रिटायर होने के बाद मिली सारी राशि घर में लगा दी. लेकिन अब इस बुढ़ापे में हम बेघर हो रहे हैं. इसका जिम्मेवार कौन है. पीड़ित महिलाओं ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं, वहां 17 दिसंबर को सुनवाई होने वाली है. ऐसे में प्रशासन कम से कम सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक राहत तो देते.
आखिर क्या है मामला
झारखंड उच्च न्यायालय में दायर वाद संख्या W.P. (PIL) 4736/2018 (ज्योति शर्मा वर्सेस राज्य सरकार एवं अन्य) में 3 दिसंबर 2025 को पारित न्यायादेश में राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन को 72 घंटे के अंदर सभी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त करने का आदेश दिया था. झारखंड उच्च न्यायालय के दिये आदेश के अनुपालन में सभी अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटा लेने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया था.

72 घंटे की अवधि बीतने के बाद रांची जिला प्रशासन, पुलिस टीम, रांची नगर निगम और रिम्स प्रबंधन ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है. रिम्स के डॉक्टर्स कॉलोनी में कई जगहों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद से डीआईजी ग्राउंड के आसपास अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है. कार्यपालक दंडाधिकारी ने कहा जो भी लोग अभी भी रिम्स परिसर या रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण किए बैठे हैं, वह तत्काल अपना अतिक्रमण हटा लें.
अतिक्रमण नहीं हटाने पर जबरन किया जाएगा खाली: मजिस्ट्रेट
कार्यपालक दंडाधिकारी ने कहा कि अगर अब भी लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो झारखंड उच्च न्यायालय में दायर वाद संख्या W.P. (PIL) 4736/2018 3 दिसंबर 2025 को पारित न्यायादेश तथा सरकार द्वारा झारखंड सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1958 (राज्य अधिनियम) के तहत बलपूर्वक अतिक्रमण हटा दिया जायेगा. साथ ही अतिक्रमण हटाने में होने वाले समस्त व्यय संबंधित अतिक्रमणकारियों से भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा. इसके अतिरिक्त कानूनी प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जायेगी.


