Tuesday, May 26, 2026

रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिनिवास ऐप का शुभारंभ किया.

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रांचीः अब डिजिटल प्लेटफार्म पर एक झलक में आदिवासियों से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त होगी. आदिनिवास नाम के इस ऐप का शुभारंभ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया है.

आज सोमवार को रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने “आदिनिवास डिजिटल ऐप” का विधिवत् शुभारम्भ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि Adinivaas एक डिजिटल आदिवासी ऐप है, जो देशभर के आदिवासियों को एक सूत्र में जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. यह हमारी संस्कृति, भाषा, भूमि, परंपरा और जीवनशैली के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को भी गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा.

नितिन कुजूर ने तैयार किया आदिनिवास ऐप

आदिनिवास ऐप को आदिवासी समाज के नितिन कुजूर ने बनाया है जिसमें कई तरह की जानकारी दी गई है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि हमें आदिवासी समुदाय की पहचान पर गर्व करते हुए एकजुट होकर प्रगति की दिशा में कदम-कदम मिलाकर निरंतर आगे बढ़ने की आवश्यकता है.

नितिन कुजूर ने कुछ नवाचार के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़कर एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं गर्वित आदिवासी समाज का निर्माण करना रहा है. जहां एक डिजिटल ऐप पर हम अपनी सोच-विचार और क्रिएटिविटी को देश और दुनिया में अलग पहचान दे सकें.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नितिन कुजूर ने पूरी मेहनत, सिद्दत और लगन से डिजिटल प्लेटफार्म में इस ऐप को तैयार किया है. Adinivaas ऐप के नाम पर बहुत सारी चीजें छुपी है. आप सब जानते हैं कि हमलोग अलग-अलग युगों से गुजरते हुए आज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंच चुके हैं.

आज मोबाइल सहित डिजिटल गैजेट्स का महत्व कितना है, ये हम सभी लोग जानते हैं, पलक झपकते ही आप पूरे दुनिया में लोगों के साथ कनेक्ट हो सकते हैं, अपनी बातों को पूरी देश दुनिया तक पहुंचा सकते हैं. अपनी विशेषताओं, खूबियों एवं अपनी क्षमता को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचा सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी एक ऐसा समूह है जो दुनिया में सबसे अलग पहचान रखता है. अब आदिवासी समाज के युवा भी विकास की राह में तेजी से आगे भी बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय के बदलते परिवेश में जो बदलाव हो रहे हैं इन बदलाव के साथ हमें स्वयं को बदलने की आवश्यकता है. अपने सोच-विचारों में भी क्रिएटिविटी लानी होगी. इस भाग दौड़ में समाज, संस्कृति, सभ्यता छूट न जाए यह भी एक बड़ा सवाल है. नितिन का हुनर निश्चित रूप से समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा अब झारखंड में ही कमर्शियल पायलट की ट्रेंनिंग ले सकेंगे. राज्य सरकार द्वारा दुमका में पायलट ट्रेनिंग सेंटर को स्थापित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अपना पायलट ट्रेंनिंग सेंटर हो इसके लिए हमने पिछले 7 वर्षों से कार्य योजना बनाई और इसका शुभारंभ हुआ. इस सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले आदिवासी युवाओं को राज्य सरकार सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराएगी.

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के होनहार युवाओं को पायलट ट्रेनिंग की सुविधा अपने राज्य में ही मिले यह हमारा प्रयास रहा है. झारखंड के युवा वर्ग किस प्रकार आत्मनिर्भर और स्वाबलंबी बने इस निमित्त राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है.

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