Wednesday, March 25, 2026

रांची में पहाड़ी मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन रेस नजर आ रहा है.

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रांचीः नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल पहाड़ी मंदिर और उसके आसपास फैले अतिक्रमण को हटाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर रफ्तार तेज हो गई है.

झारखंड हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद रविवार को नगर निगम प्रशासक सुशांत गौरव ने पहाड़ी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के पश्चात उन्होंने पहाड़ी मंदिर के लगभग 27 एकड़ क्षेत्रफल की मापी कराने और अवैध कब्जों को शीघ्र हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया. प्रशासन ने साफ किया है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा.

नगर प्रशासक सुशांत गौरव ने बताया कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है. पहाड़ी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है.

निरीक्षण के दौरान मंदिर के मुख्य द्वार के दोनों ओर फैले अतिक्रमण, अस्थायी दुकानों और अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को गंभीरता से लिया गया. प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर परिसर के बाहर आवंटित दुकानों के अतिरिक्त जो भी दुकानें अवैध रूप से लगाई गई हैं, उनकी स्थिति का आकलन कर कार्रवाई की जाए. साथ ही पूजन सामग्री को निर्धारित सीमा से बाहर सड़क तक फैलाकर रखने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास सुबह से ही ट्रक और मालवाहक वाहन खड़े रहते हैं. जिससे श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है. गोदामों की मौजूदगी से उत्पन्न इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए प्रशासक ने ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाने, गोदामों और अवैध दुकानों की जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासक ने पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में दो अलग-अलग पार्किंग स्थलों के निर्धारण का निर्देश दिया. इससे वाहन केवल निर्धारित स्थानों पर ही खड़े होंगे और मंदिर क्षेत्र को जाम मुक्त रखा जा सकेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ी मंदिर और आसपास के इलाके को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई.

प्रशासक ने हरमू रोड स्थित शनि मंदिर और गाड़ीखाना चौक के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। भूमि की प्रकृति, स्थिति और मापी का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए. राज्य सरकार के निर्देशानुसार हरमू रोड के दोनों ओर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र विकसित कर सुव्यवस्थित पाथ-वे निर्माण और नगर निगम भूमि के चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है.

वार्ड 33 स्थित आईटीआई बस स्टैंड, जो लगभग 4 एकड़ 22 डिसमिल क्षेत्र में फैला है, उसका भी प्रशासक ने निरीक्षण किया. यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वच्छता, अतिक्रमण, शौचालयों की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया

जुडको के पदाधिकारियों ने बस स्टैंड के प्रस्तावित नए स्वरूप की जानकारी दी। प्रशासक ने निर्देश दिया कि प्रतीक्षालय, पार्किंग और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए और परिसर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो.

बस स्टैंड के सामने स्थित खाली भूमि का निरीक्षण करते हुए प्रशासक ने भूमि की मापी कराने का निर्देश दिया. विस्थापित वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा, ताकि रोजगार भी सुरक्षित रहे और शहर की व्यवस्था भी बेहतर हो. नगर निगम प्रशासन की यह कार्रवाई शहर को अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

administration is hurry to remove encroachments around Pahari Temple of Ranchi

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