Saturday, April 4, 2026

रांची में धरती आबा संग्रहालय का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने किया.

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रांचीः आदिवासी सभ्यता और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए राजधानी रांची में धरती आबा बिरसा मुंडा के नाम पर संग्रहालय बनाया गया है. बरियातू स्थित विकास भारती कैंपस में तैयार धरती आबा संग्रहालय का उद्घाटन आज केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने किया. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा गठित इस संग्रहालय को विकास भारती द्वारा संचालित किया जाएगा.

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पद्मभूषण डॉ. राम बहादुर राय, जेपी आंदोलन के प्रणेता प्रख्यात राष्ट्रीय विचारक, वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राम बहादुर राय ने किया. जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव उपस्थित थे. विशिष्ट अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विकास भारती के सचिव पद्मश्री अशोक भगत कार्यक्रम में शामिल हुए.

पांच पुस्तकों का विमोचन

इस अवसर पर पांच पुस्तकों का विमोचन भी किया गया. इन पुस्तकों में धरती आबा संग्रहालय की पुस्तिका ‘मुंडारी साहित्य की प्रासंगिकता,’ सुंदरबन के गीत और रबीन्द्र नाथ टैगोर लीगेसी रीविटेड एवं ट्राइबल स्टडी सेंटर विकास भारती द्वारा लिखित पुस्तक बचपन अक्षर ज्ञान और मावड़ों भाषा शामिल हैं.

जनजातीय सभ्यता संस्कृति को समर्पित है संग्रहालय

धरती आबा बिरसा मुंडा संग्रहालय में जनजातीय सभ्यता संस्कृति से जुड़े कई ऐसी चीजें हैं जो अब लुप्त होने के कगार पर हैं. इस संग्रहालय में आदिवासियों के वाद्ययंत्र, परिधान और घरेलू सामान जो समय के साथ समाप्त होते जा रहे हैं उन्हें बड़े ही सुसज्जित ढंग से रखा गया है.

Dharti Aba Museum In Ranchi

लोग जान सकेंगे आदिवासी समाज की संस्कृतिः संजय सेठ

इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास हजारों साल पुराना है. आदिवासी समाज की संस्कृति और आदिवासी नायकों की वीरता से लोग अवगत हो सकें इसी उद्देश्य से इस संग्रहालय को तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि देश के लोग आदिवासी वीर नायकों के बारे में जानें. उन्होंने कहा कि देशभर में 11 ऐसे संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है.

देशभर में 11 संग्रहालय का होगा निर्माणः जुएल उरांव

वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि अशोक भगत के संघर्ष और योगदान से जनजातीय समाज अत्यंत ही लाभान्वित हुआ है और आज भी ये जनजातियों की भलाई के लिए अनवरत प्रयासरत रहते हैं. जनजातीय समुदाय की सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा की है. उन्होंने कहा कि 79 हजार करोड़ खर्च कर 17 मंत्रालयों द्वारा सामूहिक रूप से 549 जिलों के 2911 प्रखंडों के 63845 गांव में 25 तरह के कार्य जैसे रोड, आवास, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, 25 लाख जनजातीय आवास, 1000 मोबाइल मेडिकल यूनिट, 728 जवाहर केंद्रीय विद्यालय, 78 जनजातीय संग्रहालयों का निर्माण करेंगे. उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का गांव आज तीर्थ स्थल बन गया है. उन्होंने कहा कि 11 संग्रहालय बनने हैं. जिसमें अब तक 4 संग्रहालय बन कर तैयार है.

Dharti Aba Museum In Ranchi

जनजातीय गौरव को पुनः स्थापित करने पर जोर

वहीं इस मौके पर पद्मभूषण डॉ. राम बहादुर राय ने जनजातीय गौरव को पुनः स्थापित करने पर बल दिया है. भारत के गौरवमयी इतिहास को उन्होंने अन्य देशों के इतिहास से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब तक हमें बनारस के जिन ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया गया था, वह गलत था.

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