रांची: स्वर्गीय डॉ. करमा उरांव की स्मृति में आयोजित अंतर-आदिवासी छात्रावास फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज शनिवार को हुआ। उद्घाटन समारोह में झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की शामिल हुए। प्रतियोगिता में अलग-अलग छात्रावासों की कुल 28 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
उद्घाटन मुकाबले में वीर बुधु भगत छात्रावास की जीत
टूर्नामेंट का पहला मुकाबला वीर बुधु भगत आत्मा छात्रावास ए और करम टोली स्थित यदुवंश छात्रावास की टीम के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में वीर बुधु भगत आत्मा छात्रावास ए ने यदुवंश छात्रावास को 2-1 से हराकर प्रतियोगिता में जीत के साथ शुरुआत की।
डॉ. करमा उरांव के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डॉ. करमा उरांव का योगदान शिक्षा और समाज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण रहा है। उनके विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थी उनके दृष्टिकोण को समझकर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से निकलकर रांची जैसे शहरों में शिक्षा हासिल कर रहे छात्र-छात्राएं समाज के लिए उम्मीद की किरण हैं। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता जरूरी
मंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करने की राह अभी भी कई चुनौतियों से भरी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे में छात्रावासों में रहकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने छात्रों से जल, जंगल और जमीन, ग्राम सभा, पेसा कानून और अपने संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की। उनका कहना था कि विद्यार्थी शिक्षा और जागरूकता के जरिए अपने गांव और समाज के लिए नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं।
बंधु तिर्की बोले- खेल के साथ विचारों से जुड़ना भी उद्देश्य
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ फुटबॉल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डॉ. करमा उरांव के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान से परिचित कराना भी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी, वकील, पत्रकार और जनप्रतिनिधि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालेंगे। उनकी उपलब्धि तभी सार्थक होगी, जब व्यक्तिगत प्रगति के साथ समाज के विकास में भी उनकी भागीदारी हो।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में डॉ. करमा उरांव की पत्नी शांति उरांव, पूर्व मेयर रमा खलखो, लक्ष्मी नारायण मुंडा, शिवा कच्छप, नीरज भोक्ता, प्रो. हरि उरांव, शीतल उरांव समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
BHARATSUPERFASTNEWS
