रांची: भारत सरकार के गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस यानी जेम द्वारा आयोजित ‘जेम एक्सिलेंस इवेंट’ प्रोजेक्ट रांची में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस एकदिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड के सरकारी खरीदारों एवं राज्य आधारित विक्रेताओं को जेम की नई सुविधाओं, प्रक्रियाओं और सुधारों से परिचित कराते हुए सार्वजनिक खरीद को अधिक पारदर्शी, दक्ष और डिजिटल बनाना ताकि झारखंड में जेम के माध्यम से खरीदी को और अधिक मजबूत किया जा सके.
जेम एक बेहतर प्लेटफॉर्म है. जिसके माध्यम से प्रोक्योरमेंट होता है. झारखंड में 2017 से ही अपनाया गया है. 2024 में जो गुड्स एवं सर्विसेज प्रोक्योरमेंट को लेकर जो प्रावधान आया है, उसमें भी बड़े ही स्पष्ट रूप से जेम को अपनाने के लिए कहा गया है: अमित कुमार, सचिव, वाणिज्यकर विभाग
- इस मौके पर जेम के सीईओ मिहिर कुमार ने कहा कि जेम पर कैटेगरी आधारित खरीद व्यवस्था ने सार्वजनिक खरीद को अधिक सुव्यवस्थित, तेज और प्रभावी बनाया है. यह पहल सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर और मजबूत प्रोत्साहन साबित हो रहा है. जेम खरीदी में किसी ब्रांड को खास प्राथमिकता नहीं दी जाती.
- इससे सभी विक्रेताओं को बराबर मौका मिलता है. प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और सरकार को उचित एवं बेहतर कीमत पर सामान और सेवा खरीदने में मदद मिलती है. इसके साथ ही उचित कीमत पर सुनिश्चित करने के लिए जेम ने आंतरिक मार्केट इंटेलिजेंस टीम को सशक्त किया है, जो कीमतों की ‘प्राइस सैनीटी पर निरंतर काम करती है. उन्होंने कहा कि भविष्य में AI-ML जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग से जेम खरीद प्रक्रिया को और अधिक स्मार्ट, डाटा आधारित और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. झारखंड में जेम के माध्यम से डिजिटल सार्वजनिक खरीद लगातार मजबूत हो रही है.
झारखंड में अब तक जेम पर लगभग 7,900 करोड़ के ऑर्डर वैल्यू के साथ 1.5 लाख से अधिक ऑर्डर्स पूरे हो चुके हैं. तीन सालों में झारखंड, ऑर्डर वैल्यू के आधार पर जेम पर देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल रहा है, जो झारखंड में पारदर्शी और तकनीक सक्षम खरीद व्यवस्था के प्रति बढ़ते भरोसे और प्लेटफॉर्म के अपनाने को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर के साथ टीम बनाई गई है, जो पूरी सुरक्षा कवच देता है.
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि जेम ने झारखंड के विक्रेताओं को राज्य के अलावा व्यापक व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराए हैं. यहां उन्हें झारखंड के खरीदारों से 3,172 करोड़, दूसरे राज्यों से 704 करोड़ तथा केंद्रीय मंत्रालयों/CPSES से 42,532 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं. इस तरह कुल मिलाकर झारखंड के विक्रेताओं द्वारा जेम पर 46,407 करोड़ का कारोबार हुआ है, जिसमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के विक्रेताओं का योगदान 26,569 करोड़ रहा है. कार्यक्रम में जेम पर सबसे अधिक खरीद करने वाले झारखंड के विभागों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले झारखंड के विक्रेताओं को सम्मानित किया गया.
सम्मान समारोह के दौरान खरीदार श्रेणी में जीएमवी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को सिल्वर, आईटी विभाग को गोल्ड तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को प्लैटिनम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वहीं सेवा खरीद में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए आईटी विभाग को प्लैटिनम और झारखंड आधारित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से खरीद के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को प्लैटिनम सम्मान दिया गया.
इस मौके पर जेम के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी मिहिर कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों में वाणिज्यकर विभाग के सचिव अमित कुमार, वित्त विभाग के सचिव अबू इमरान, वित्त विभाग के विशेष सचिव संदीप सिंह, सामाजिक कल्याण निदेशालय के निदेशक किरण कुमारी पासी, सरकारी खरीदार, विक्रेता एवं जेम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.


