Friday, May 15, 2026

रांची में क्षेत्रीय लाह खेती प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ.

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रांची: राजधानी के लापुंग प्रखंड में सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड क्षेत्रीय लाह खेती प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आयोजित वैज्ञानिक पद्धति आधारित एक दिवसीय क्षेत्रीय लाह खेती प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं.

किसानों को 5-5 किलो कुसुमी एवं रंगीनी लाह बीहन कराया जाएगा उपलब्ध

कार्यक्रम के दौरान प्रखंड की मालगो, बोकरोन्दा एवं ककरिया पंचायतों के कुल 377 किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से लाह खेती का प्रशिक्षण दिया गया और उनके बीच आवश्यक टूलकिट का वितरण किया गया. इस दौरान कृषि मंत्री ने घोषणा की कि आगामी जून, जुलाई माह में प्रत्येक किसान को 5-5 किलो कुसुमी एवं रंगीनी लाह बीहन शत प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई जाएगी.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वनोत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों एवं वनोत्पादों से समृद्ध राज्य है. यहां लाह, इमली, चिरौंजी, महुआ, मधु, करंज बीज, कुसुम बीज, साल बीज, हरड़ा बहेड़ा, आंवला तथा विभिन्न औषधीय पौधों की घरेलू ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार में भी व्यापक मांग है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में वनोत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है.

वैश्विक बाजार तक लाभकारी मूल्य लक्ष्य

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पंचायत स्तर पर एमपीसीएस (MPCS) के माध्यम से वनोपजों की पहचान कर परिष्करण इकाइयों की स्थापना, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन प्रबंधन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीण उत्पादकों को घरेलू बाजार से लेकर वैश्विक बाजार तक लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके.

महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर

इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि झारखंड से होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी तथा ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि इस दिशा में व्यापक जन अभियान चलाने की जरूरत है, जिसमें सिद्धकोफ़ेड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी.

कम बारिश होने की संभावना

उन्होंने किसानों को अल नीनो (El Nino) से उत्पन्न संभावित परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल औसत से कम बारिश होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में किसानों को शुरुआती साल के साथ ही धान रोपनी पूरी कर लेनी चाहिए तथा कम पानी में होने वाली फसलों की ओर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने मड़ुआ को एक बेहतर विकल्प बताया.

युद्ध के कारण डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता प्रभावित

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के कारण डीएपी एवं यूरिया की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जिसके कारण राज्यों को मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. ऐसे समय में विभाग के साथ साथ किसानों को भी मानसिक रूप से तैयार रहने की आवश्यकता है.

कृषि संबंधी जानकारी एवं योजनाओं का लाभ लें किसान

उन्होंने किसानों से अपील की है कि आगामी 22 मई को राज्य के सभी प्रखंडों में आयोजित होने वाली खरीफ कर्मशाला में भाग लेकर कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी एवं योजनाओं का लाभ उठाएं. कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने किसानों के उत्साह, आत्मविश्वास एवं लाह उत्पादन के प्रति सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में झारखंड देश में लाह उत्पादन के क्षेत्र में एक मजबूत और नई पहचान स्थापित करेगा.

लापुंग को लाह उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए

उन्होंने कहा कि लापुंग प्रखंड भले ही रांची जिले के पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता हो लेकिन यहां की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियां लाह उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है. उनका संकल्प है कि आने वाले समय में लापुंग को राज्य के प्रमुख लाह उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो और क्षेत्र आर्थिक रूप से सशक्त बन सके.

पलायन रोकने का प्रभावी माध्यम

विभागीय मंत्री ने कहा कि लाह खेती केवल कृषि गतिविधि नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करने तथा पलायन रोकने का प्रभावी माध्यम है. यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से इस खेती को अपनाएं, तो यह आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है.

किसानों की समृद्धि अहम

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग द्वारा लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन, गुणवत्तापूर्ण लाह बीहन एवं आवश्यक टूलकिट का वितरण किया जा रहा है. किसानों से अपील है कि वे इन योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर अधिक से अधिक लाभ उठाएं. उन्होंने अंत में कहा कि किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास एवं आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता निरंतर जारी रहेगी.

इस अवसर पर सिद्धकोफ़ेड के सचिव राकेश कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी रविंद्र दास, बीडीओ उषा मिंज, अंचलाधिकारी पंकज कुमार, प्रखंड अध्यक्ष जयंत बारला, सुदामा महली, प्रमुख कंचन उरांव, उप प्रमुख विश्वनाथ मुंडा, सरोज मुंडा, जनमेजय पाठक, देवंती देवी समेत कई जनप्रतिनिधि एवं किसान मौजूद रहे.

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