रांचीः राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में 22 से 25 मई 2026 तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया.
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, झारखंड सरकार के खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग और झारखंड एथलेटिक्स संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 750 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. चार दिन तक चले इस आयोजन में राष्ट्रीय रिकॉर्ड, मीट रिकॉर्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन की झड़ी लग गई. ट्रैक से लेकर फील्ड इवेंट तक खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाई दी.
पहले दिन से ही रिकॉर्ड्स की शुरुआत
इस प्रतियोगिता के पहले दिन ही भारतीय स्प्रिंटिंग में नया इतिहास देखने को मिला. पुरुष 100 मीटर के सेमीफाइनल में ओडिशा के अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकेंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया. स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस प्रदर्शन के बाद उत्साह से झूम उठे. वहीं महिला लंबी कूद में एन्सी सोजन ने 6.75 मीटर की छलांग लगाकर नया मीट रिकॉर्ड अपने नाम किया.

पहले दिन महिला लंबी कूद, पुरुष और महिला 10 हजार मीटर दौड़, महिला डिस्कस थ्रो, पुरुष हैमर थ्रो तथा पुरुष और महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल मुकाबले आयोजित हुए. खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही संकेत दे दिया कि रांची में इस बार कई रिकॉर्ड टूटने वाले हैं.
दूसरे दिन ट्रैक पर दिखी रफ्तार
इस प्रतियोगिता के दूसरे दिन पुरुष और महिला 100 मीटर, 400 मीटर, महिला ट्रिपल जंप, महिला शॉटपुट, महिला जेवलिन थ्रो, महिला 1500 मीटर और डेकाथलन सहित कुल 11 स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले हुए.

गुरविंदरवीर सिंह का नेशनल रिकॉर्ड
इसी दिन पंजाब के गुरविंदरवीर सिंह ने पुरुष 100 मीटर फाइनल में 10.09 सेकेंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया. उन्होंने शुक्रवार के सेमीफाइनल में 10.17 सेकेंड दौड़ा था लेकिन फाइनल में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया. उन्होंने अनिमेष कुजूर के 10.18 सेकेंड के मीट रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. साथ ही ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 10.16 सेकेंड के क्वालिफिकेशन मार्क को भी पार कर लिया.

रेस के बाद गुरविंदरवीर सिंह ने कहा कि यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि उनके भीतर अभी बहुत कुछ बाकी है. उनके कोच जेम्स हिलियर ने कहा कि खिलाड़ी लगातार अपने रेस प्लान को बेहतर तरीके से लागू कर रहे हैं और भविष्य में उनसे और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है. हालांकि अनिमेष कुजूर फाइनल में 10.20 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रिलायंस के प्रणव प्रमोद 10.29 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

तमिलनाडु के विशाल टीके ने इतिहास रच दिया
इसी दिन पुरुष 400 मीटर दौड़ में तमिलनाडु के विशाल टीके ने इतिहास रच दिया. उन्होंने 44.98 सेकेंड का समय निकालकर भारतीय सरजमीं पर 45 सेकेंड से कम समय में 400 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बनने का गौरव हासिल किया. उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड 45.12 सेकेंड बेहतर किया, जो पिछले वर्ष चेन्नई में बनाया गया था. विशाल टीके ने कहा कि उन्हें पहले से विश्वास था कि वह 45 सेकेंड की बाधा तोड़ देंगे. उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर विशेष तैयारी की थी.
तीसरे दिन पोल वॉल्ट और हाई जंप में बना इतिहास
इस प्रतियोगिता का तीसरा दिन भी बेहद ऐतिहासिक रहा. मध्य प्रदेश के देव मीणा और कुलदीप कुमार ने पुरुष पोल वॉल्ट में 5.45 मीटर की ऊंचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया. दोनों खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी क्वालिफिकेशन हासिल किया.

पुरुष हाई जंप में सर्वेश अनिल कुसारे ने 2.28 मीटर और आदर्श राम ने 2.22 मीटर की ऊंचाई पार कर कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट हासिल किया. पुरुष लंबी कूद में श्री शंकर ने 8.08 मीटर की छलांग लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया
पुरुष 400 मीटर हर्डल्स में कर्नाटक के यशस पी ने 50.05 सेकेंड और एनसीओई तिरुवनंतपुरम के संतोष कुमार ने 49.93 सेकेंड का समय निकालकर कॉमनवेल्थ क्वालिफिकेशन हासिल किया. पुरुष 110 मीटर हर्डल्स में रिलायंस के तेजस अशोक सिरसे ने 13.50 सेकेंड और क्रिस्क एम ने 13.52 सेकेंड के साथ नया मीट रिकॉर्ड बनाया.

तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास
रांची में आयोजित इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण रिलायंस के तेजस्विन शंकर रहे. डेकाथलॉन में उन्होंने कुल 8057 अंक हासिल कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और 8000 अंक का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए. इससे पहले उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 7947 अंक था, जो उन्होंने इसी वर्ष मार्च में बनाया था. तेजस्विन ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 7787 अंकों के क्वालिफिकेशन मार्क को भी पार कर लिया. AFI के प्रेसिडेंट बहादुर सिंह सागू के अनुसार यह प्रदर्शन भारतीय मल्टी इवेंट एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है.

अंतिम दिन भी जारी रही रिकॉर्डों की बारिश
प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. मध्य प्रदेश के समरदीप सिंह गिल ने पुरुष शॉटपुट में 20.46 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स का क्वालिफिकेशन मार्क भी पार कर लिया. पंजाब के तजिंदरपाल सिंह तूर 20.07 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

पुरुष 400 मीटर हर्डल्स में कर्नाटक के यशस पी ने 49.00 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि संतोष कुमार टी 49.06 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे. दोनों खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया. पुरुष जेवलिन थ्रो में महाराष्ट्र के शिवम लोहाकरे ने 81.71 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता. हालांकि वे कॉमनवेल्थ क्वालिफिकेशन मार्क 82.61 मीटर से थोड़ा पीछे रह गए.
पुरुष ट्रिपल जंप में जेएसडब्ल्यू के प्रवीण चित्रावेल ने 17.08 मीटर की छलांग लगाकर कॉमनवेल्थ क्वालिफिकेशन हासिल किया. पुरुष 200 मीटर में अनिमेष कुजूर ने 20.64 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता।. पुरुष 800 मीटर में हरियाणा के कृष्ण कुमार पहले स्थान पर रहे.

महिला वर्ग में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। महिला 100 मीटर में महाराष्ट्र की सुदेश्ना एच ने स्वर्ण पदक जीता. महिला 400 मीटर में तमिलनाडु की विथ्या रामराज विजेता रहीं. महिला 1500 मीटर में जेएसडब्ल्यू की पूजा ने पहला स्थान हासिल किया. महिला पोल वॉल्ट में तमिलनाडु की बारानिका एलंगोवन ने 4.10 मीटर की छलांग लगाकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया. महिला ट्रिपल जंप में पंजाब की निहारिका वशिष्ठ ने 13.64 मीटर के साथ अपना ही मीट रिकॉर्ड बेहतर किया. महिला हाई जंप में उत्तर प्रदेश की ख्याति माथुर ने 1.82 मीटर की ऊंचाई पार कर स्वर्ण पदक जीता.

रांची बना भारतीय एथलेटिक्स का नया केंद्र
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वित्त समिति के अध्यक्ष मधुकांत पाठक ने कहा कि रांची में खिलाड़ियों द्वारा किया गया प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक क्षण है. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा स्टेडियम में राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन होना झारखंड के लिए गर्व की बात है.

उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं. चार दिन तक चले इस आयोजन ने झारखंड को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाई है. बिरसा मुंडा स्टेडियम में रिकॉर्डों की इस बारिश ने यह साफ कर दिया कि भारतीय एथलेटिक्स का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और रांची अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों का मजबूत केंद्र बन चुका है.

रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक साबित हुई. चार दिन तक जिस तरह खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल किया, वह भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है. बिरसा मुंडा स्टेडियम की ट्रैक, यहां की खेल सुविधाएं और रांची का मौसम खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए काफी अनुकूल रहा. आयोजन समिति, तकनीकी अधिकारियों और झारखंड एथलेटिक्स संघ ने शानदार काम किया है. -मधुकांत पाठक, अध्यक्ष, फाइनेंस कमेटी, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI).
रांची में प्रतियोगिता खेलना मेरे लिए शानदार अनुभव रहा. यहां का मौसम काफी अच्छा था, जिससे प्रदर्शन करने में मदद मिली. बिरसा मुंडा स्टेडियम की सुविधाएं और ट्रैक बेहतरीन हैं. दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों को ऊर्जा देता रहा. 8000 अंक का आंकड़ा पार करना मेरे करियर का खास पल है और मुझे खुशी है कि यह उपलब्धि रांची में हासिल हुई. -तेजस्विन शंकर, राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक, डेकाथलॉन.
रांची में प्रतियोगिता का आयोजन काफी प्रोफेशनल तरीके से किया गया. खिलाड़ियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध थीं. स्टेडियम का माहौल और यहां का मौसम दोनों ही बेहतरीन रहे. मुझे खुशी है कि मैंने यहां कॉमनवेल्थ गेम्स का क्वालिफिकेशन हासिल किया. रांची की ट्रैक एंड फील्ड सुविधाएं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं. -समरदीप सिंह गिल, स्वर्ण पदक विजेता, शॉटपुट.


